Public Opinion: राजस्थान की सड़कों पर मौत का तांडव… लोग बोले- घर से निकले और शाम तक मिले लाश, कोई बड़ी बात नहीं!

Last Updated:November 06, 2025, 22:10 IST
Public Opinion On Road Accidents : जयपुर की सड़कों पर लगातार हादसों से डर का माहौल है, विजय कुमार शर्मा और मोहम्मद रफीक ने प्रशासन, ड्राइवर और जनता की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है.
जयपुर. राजस्थान में सड़कों पर मौत का तांडव मचा हुआ है. हर दिन बस, डंपर और ट्रॉले लोगों की जान ले रहे हैं. सड़कों पर ऐसा भय का माहौल बन गया है कि लोग घर से निकलने से पहले डर महसूस करने लगे हैं. उन्हें आशंका रहती है कि कहीं घर से निकले और कोई भारी वाहन उन्हें रौंदकर न चला जाए. हाल ही में जयपुर के लोहा मंडी में हुए दर्दनाक हादसे ने इस भय को और गहरा कर दिया है. इसी को लेकर लोकल-18 ने जयपुर की सड़कों पर उतरकर आम लोगों से बातचीत की, ताकि यह समझा जा सके कि आखिर लगातार बढ़ते हादसों की असली वजह क्या है.
जयपुर निवासी विजय कुमार शर्मा का कहना है कि राजधानी में ट्रैफिक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है. आए दिन हो रहे हादसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं. उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन के पास सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस नीति या दीर्घकालिक प्लान नहीं है. लेकिन इस समस्या की जड़ सिर्फ सरकारी लापरवाही नहीं, बल्कि समाजिक और मानसिक कारण भी हैं. लोग नशे में वाहन चला रहे हैं और मानसिक तनाव की स्थिति में गलत निर्णय ले रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. विजय के अनुसार, भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और नियमों की अनदेखी ने सड़कों को खतरनाक बना दिया है.
शराब और लापरवाही बन रहे हादसों की सबसे बड़ी वजहलोकल-18 ने जयपुर के उन इलाकों में जाकर लोगों से बात की, जहां भारी वाहनों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है. अधिकतर लोगों का कहना था कि हाल के दिनों में हुए ज्यादातर हादसों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले सामने आए हैं. लोगों ने मांग की कि ऐसे चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस आजीवन रद्द किया जाए, ताकि सड़क हादसों पर नियंत्रण पाया जा सके. स्थानीय निवासी मोहम्मद रफीक ने कहा कि अब सड़कों पर हालात इतने भयावह हैं कि कोई भी व्यक्ति सुबह अपने घर से निकलता है और शाम को उसकी लाश किसी सड़क पर पड़ी मिलती है. उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे बड़े शहर में अब लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे रह गई है.
हादसों के बाद भूल जाता है प्रशासन, फिर लौट आती है लापरवाहीविजय कुमार का कहना है कि जब कोई बड़ा हादसा होता है तो प्रशासन और जनता दोनों कुछ दिनों तक सतर्क रहते हैं, लेकिन जल्द ही सब सामान्य हो जाता है. हादसों से सबक लेने के बजाय वही पुरानी लापरवाही दोहराई जाती है. उन्होंने कहा कि जरूरत है कि प्रशासन, ड्राइवर और आम जनता — सभी अपने दायित्व को समझें. अगर सभी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सतर्कता बरतें, तो न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है. सड़क सुरक्षा को लेकर निरंतर सख्ती और जनजागरूकता ही इन मौतों के तांडव को रोक सकती है.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 06, 2025, 22:10 IST
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राजस्थान की सड़कों पर मौत का तांडव! लोग बोले- घर से निकले और शाम तक मिले लाश..



