Public Opinion : विधायक निधि में घपलेबाजी पर जनता का फूटा गुस्सा! कहा- ऐसे विधायकों को बर्खास्त करो

Last Updated:December 15, 2025, 18:17 IST
Rajasthan Vidhayak Nidhi Fraud : राजस्थान विधानसभा सदस्य को स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत हर साल 5 करोड़ रुपए की राशि मिलती है. इस राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता और निगरानी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विकास कार्यों की अनुशंसा के कमीशन मांगने के आरोप में तीन विधायकों के नाम सामने आए हैं.
जयपुर. राजस्थान में हाल ही में विधायक निधि में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले ने राज्य की राजनीति में गहमागहमी बढ़ा दी है. विधायक निधि में भ्रष्टाचार की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहन जांच के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है. यह समिति पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी. इस पूरे प्रकरण को लेकर लोकल-18 ने आम जनता से बातचीत की. इस दौरान रामस्वरूप सोनी ने कहा कि इस तरह के भ्रष्टाचार से राजस्थान की छवि देशभर में खराब हो रही है. विधायकों द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार करना बेहद निंदनीय है और ऐसे विधायकों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आगे से कोई भी विधायक विधायक निधि के पैसों में गड़बड़ी न कर सके, इसके लिए इसकी निगरानी बड़े अधिकारियों के दायरे में होनी चाहिए, ताकि जनता के पैसों की लूट रोकी जा सके. रामस्वरूप सोनी का कहना है कि हालिया भ्रष्टाचार के मामलों से लोगों में भारी गुस्सा है और जनता ऐसे विधायकों को कभी माफ नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में टालमटोल कर मुद्दे को दबा दिया जाता है. इसलिए जांच की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक होनी चाहिए.
बंद होनी चाहिए विधायक निधि की राशि, कानून बनाना जरूरी
राजस्थान में विधायक निधि से जुड़े भ्रष्टाचार के इस मामले से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है. स्टिंग ऑपरेशन के जरिए सामने आए इन मामलों के बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है. लोकल-18 ने इस मुद्दे पर अन्य लोगों से भी बातचीत की. इस दौरान जीतू शुक्ला ने कहा कि अगर विधायकों द्वारा ही इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं, तो यह आम जनता के साथ बड़ा धोखा है. जनता के टैक्स के पैसे से इस तरह का भ्रष्टाचार होना सीधे तौर पर विश्वासघात है. उन्होंने मांग की कि राजस्थान सरकार को विधायक निधि से जुड़े मामलों के लिए एक सख्त कानून बनाना चाहिए. ऐसे मामलों में शामिल विधायकों की विधायक निधि को बंद करना अनिवार्य होना चाहिए. साथ ही विधायक निधि के खर्च में अन्य विभागों को भी शामिल कर अनुशंसा और निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि इस तरह के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा सके. तभी जाकर भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा. इस गंभीर और चिंताजनक मामले को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी गई है. इसमें मुख्य सतर्कता आयुक्त और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं. समिति को 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
तीन विधायकों से जुड़ा है विधायक निधि में भ्रष्टाचार का मामलाराजस्थान में प्रत्येक विधायक को राजस्थान विधानसभा सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत हर साल 5 करोड़ रुपए की राशि मिलती है. इस राशि के उपयोग को लेकर अब पारदर्शिता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप में तीन विधायकों के नाम सामने आए हैं. इनमें खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत शामिल हैं. जांच में कमीशन की मांग और अनुशंसा पत्र देने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हैं. मामले के उजागर होने के बाद खींवसर, हिंडौन और बयाना विधानसभा क्षेत्रों के विधायक निधि खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. इन क्षेत्रों में स्वीकृत सभी विकास कार्यों के भुगतान और क्रियान्वयन पर भी रोक लगा दी गई है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 15, 2025, 18:15 IST
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विधायक निधि में घपलेबाजी पर जनता का फूटा गुस्सा! कहा- विधायकों को बर्खास्त करो



