पब्लिक ओपिनियन: जोधपुर के भैरवजी मंदिर में टिकट विवाद! भक्त बोले- हम पार्क नहीं, मंदिर आए हैं, दर्शन पर टैक्स क्यों?

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर स्थित ऐतिहासिक मंडोर गार्डन में नाइट टूरिज्म विकसित करने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. इस पार्क में काला-गौरा भैरूजी, मां चामुंडा, बेमाता का मंदिर और देवताओं की साल है. विवाद मंदिरों में दर्शन और टिकट व्यवस्था से पैदा हो रहा है. जेडीए ने ठेका फर्म से सुबह 9 बजे तक तो लोगों को दर्शन की नि:शुल्क छूट दिला रखी है, लेकिन इसके बाद 30 रूपए शुल्क लिया जाता है. लोग बता रहे हैं कि मंदिर दर्शन के लिए अब उन्हें टिकट के कई अलग-अलग विकल्प देने पड़ रहे हैं, जिससे आने वाले लोगों को खासा परेशानी हो रही है.
यहां एंट्री टिकट पहले सिर्फ 10 रुपए थी, अब पैदल जाने पर 30 रुपए और ट्रेन के साथ 50 रूपए का टिकट रखा गया है. वहीं शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक लाइट एंड साउंड शो के लिए 70 रूपए का पैकेज है. लेकिन बड़ी समस्या यह है कि गार्डन में बने कई मंदिरों तक जाने के लिए भी श्रद्धालुओं को यह टिकट देना पड़ता है. मंडोर के काला गोरा भेरुजी मंदिर में आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. टिकट काउंटर पर हर दिन श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बहस देखने को मिलती है.
हर दिन आते हैं सैकड़ों श्रद्धालु
जोधपुर के मंडोर उद्यान में मंदिर के दर्शन करने के लिए हर दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. रविवार के दिन यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है. बाबा रामदेवरा मेला के समय हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंडोर के काला गोरा भेरुजी भी आते हैं. बैंगलोर से आए पर्यटक रोशन लाल ने बताया कि हम लोग यहां मंडोर दर्शन के लिए आए हैं. हम हर साल आते हैं, बस पिछले 2 साल से नहीं आ पाए. पहले कभी भी मंदिर दर्शन के लिए टिकट नहीं होता था. यहां सिर्फ मंदिर दर्शन के लिए ही आते हैं. लेकिन आज जब आए तो ये बोल रहे हैं कि ₹50 का टिकट लो. ऑल ओवर इंडिया में कहीं भी मंदिर दर्शन के लिए टिकट नहीं लगता. जब हमने सवाल पूछा तो उल्टा बोल रहे हैं कि हम अराजकता फैलाने आए हैं जबकि सिर्फ भगवान के दर्शन करने आए हैं.
मंदिर दर्शन के लिए आए हैं, पार्क घूमने के लिए नहीं
महिला पर्यटक ने बताया कि दूर से सिर्फ दर्शन करने आए हैं, लेकिन यहां सिक्योरिटी बोल रही है कि आप गार्डन में ही टिकट लेकर अंदर जा सकते हैं. हमें तो गार्डन या लाइट शो में नहीं जाना, हम सिर्फ मंदिर दर्शन करने आए हैं. ये कैसी शर्त है कि जब तक टिकट न लो, तब तक एंट्री नहीं?
पैदल जाओ या ट्रेन से हर जगह लेगा पैसा
पर्यटक रमेश ने बताया कि हम लोग हर साल यहां आते हैं. अब ये लोग बोल रहे हैं कि अगर ट्रेन में बैठकर दर्शन करने जाओगे तो ₹50, और अगर पैदल जाओगे तो भी ₹30. ये कौन सा नया नियम लगा दिया? हम हमारे दादा-परदादा के समय से यहां आते थे? चलकर जाने पर भी पैसे? ये तो गलत है. इंसान भगवान के दर्शन करने आया है, और यहां टिकट लेकर ही जाओ, यही कंडीशन रखी है.



