अलवर में रबी फसल की बुवाई शुरू, डीएपी खाद की मांग बढ़ी.

अलवर. जिले में हुई बारिश के कारण खेतों में नमी बन गई है, ऐसे में किसानों ने अपने खेतों को रबी की फसल के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है. किसान खेतों में नमी के कारण खाद डालकर खेतों को तैयार कर रहे हैं, ताकि अच्छी पैदावार हो सके. इस बार अलवर सहित खैरथल-तिजारा जिले में रबी सीजन की शुरुआत किसानों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है.
जिले में सबसे ज्यादा सरसों और गेहूं की बुआई की जाती है. खैरथल-तिजारा जिले में समय पर हुई बारिश ने खेतों में नमी भर दी है. इससे रबी फसलों की बुवाई का रकबा भी बढ़ गया है. कृषि विभाग के अनुसार पहले विभाग ने 1,35,000 हेक्टेयर में रबी फसल बुवाई का लक्ष्य तय किया था, जो बारिश होने के बाद अब बढ़ा दिया है, अब यह लक्ष्य बढ़ाकर 1,43,500 हेक्टेयर कर दिया गया है, यानी अब 8,500 हेक्टेयर में अधिक बुवाई होगी.
करीब 25,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता
जिले में रबी सीजन की बुवाई शुरू होते ही करीब 25,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है, जबकि अब तक इससे आधे से भी कम मीट्रिक टन खाद ही प्राप्त हुआ है. ऐसे में कई किसान ऐसे हैं जिनके पास अभी भी डीएपी की कमी है, जिसको लेकर वे परेशान हैं. वहीं कृषि निदेशक विजय सिंह ने बताया कि विभाग ने बढ़ी हुई मांग की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी है. जल्द ही किसानों के लिए डीएपी की आपूर्ति की जाएगी, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
इस बार कृषि विभाग ने रबी की फसल का लक्ष्य यह रखा है. खैरथल-तिजारा जिले में गेहूं की फसल 50,000 हेक्टेयर, चना 2,000 हेक्टेयर, जौ 1,500 हेक्टेयर, वहीं सरसों 90,000 हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य रखा गया है. जिसकी तैयारियों में किसान जोर-शोर से लगे हुए हैं, ताकि समय पर और अच्छे से बुआई हो सके.



