दोनों आखों से अंधे… फिर भी नहीं मानी हार, आज नगर परिषद में AAO के पद पर कर रहे हैं काम, जानें कहानी

रविन्द्र कुमार/झुंझुनू. झुंझुनू के रहने वाले उमेश रानासरिया जोकि आंखों से अंधे होकर भी नगर परिषद में डबल एओ की पोस्ट पर कार्यरत है. उमेश ने बताया कि बचपन में वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह थे. सामान्य शिक्षा प्राप्त की थी. कुछ समय बाद इन्फेक्शन की वजह से उनकी आखों की रोशनी चली गई. आंखों का विजुअल जानें के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. उनको अपनी एजुकेशन की मदद से कुछ बनना था. इसलिए उन्होंने इस नगर पालिका की पोस्ट के बारे में पता किया और फिर दिल्ली की ऑल इंडिया कांफ्रोडेक्शन ऑफ ब्लाइंड से उन्होंने बेसिक कोर्स किया. कंप्यूटर कोर्स करने के लिए वह एनएफबी गए और उसके बाद उन्होंने ओपन से ग्रेजुएशन, एमकॉम और एम एकंप्लीट किया.
उमेश ने बताया कि 2016 में वैकेंसी निकाली गई थी. डीएलबी के द्वारा तो उसके अंदर एग्जाम फाइट किया और राजस्थान के अंदर उन्होंने 7वीं रैंक लाकर यह पोस्ट हासिल की. उमेश ने अपने काम के बारे में बताते हुए कहा कि अभी वह डबल AO पद पर हैं तो उसके अकॉर्डिंग उनको जूनियर एलडीसी या सहायक कर्मचारी मिलते हैं. उनकी मदद से, जीएफ एंड ए आर, आर एस आर के नॉलेज और साथ ही अपने कंप्यूटर और मोबाइल की हेल्प से वह अपना काम कर पा रहे हैं.
स्टाफ का मिलता है पूरा सहयोग
उमेश ने बताया कि वह सुबह अपने भाई के साथ ऑफिस आते हैं. शाम को ऑटो से अपने घर पर जाते हैं. उन्होंने बताया कि वैसे तो मैं आराम से कहीं भी आ जा सकता हूं. लेकिन अपने यहां ट्रैफिक रूल जो है उनका पब्लिक के द्वारा सही से पालन नहीं किया जाता. उस वजह से स्टिक के साथ अकेले आने-जाने में थोड़ी दिक्कत होती है. लेकिन उनका आना-जाना रोज रहता है. इसलिए उन्हें कोई दिक्कत नहीं आ रही है. उन्होने कहा कि उनको स्टाफ की ओर से पूरा सहयोग मिलता है. जहां भी कोई दिक्कत आती है एक दूसरे की हेल्प लेकर पूरा काम हो जाता है. साथ में थोड़ी टेक्नोलॉजी की हेल्प मिल जाती है तो काम करने में ज्यादा परेशान का सामना नहीं करना पड़ता है.
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FIRST PUBLISHED : December 8, 2023, 22:59 IST