Rabi Season 2025. Sowing Gains Momentum in Nagaur

Last Updated:November 06, 2025, 14:53 IST
Agriculture Tips: नागौर में रबी सीजन की बुवाई तेजी से शुरू हो गई है. चना और सरसों के रकबे में वृद्धि की संभावना है और बाजार भाव भी मजबूत हैं. कृषि विभाग ने बुवाई का लक्ष्य बढ़ाया है. किसान नमी. बीज और सिंचाई पर ध्यान देकर बेहतर उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं.
Agriculture Tips: नागौर में खरीफ फसल की कटाई पूरी होने के बाद अब खेतों में रबी सीजन की बुवाई जोर पकड़ने लगी है. किसान सुबह होते ही ट्रैक्टर. हल और बीज की बोरियों के साथ खेतों की ओर निकल रहे हैं. खेतों में जुताई. क्यारियां बनाना. नमी संरक्षित करना और बीज उपचार जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं. बुवाई का यह चरण किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है.
इस वर्ष पर्याप्त वर्षा ने मिट्टी की ऊपरी और निचली परत में उत्कृष्ट नमी बनाए रखी है. जो रबी फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है. मिट्टी की यह अच्छी नमी (Soil Moisture) किसानों को बिना किसी चिंता के बुवाई करने का अवसर दे रही है. किसान इस अवसर का पूरा फायदा उठाते हुए बुवाई में तेजी ला रहे हैं और बेहतर पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं.
रबी फसलों के लिए लक्ष्य और योजना
नागौर कृषि विभाग ने इस वर्ष रबी बुवाई का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में बढ़ाया है. मेड़ता और डेगाना क्लस्टर में लगभग 3.22 लाख हेक्टेयर भूमि में बुवाई की योजना बनाई गई है. विशेष रूप से चना और सरसों के रकबे में वृद्धि की उम्मीद है. क्योंकि पिछले वर्ष ये फसलें किसानों के लिए लाभदायक साबित हुई थीं. वहीं. जीरा (Cumin) की बुवाई का लक्ष्य 65 हजार हेक्टेयर रखा गया है. विभाग उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने पर भी ज़ोर दे रहा है.
किसानों की पसंद और बाजार भाव
किसान इस बार मुख्य रूप से चना. सरसों और तारामीरा की बुवाई कर रहे हैं. पिछले सीजन में बाजार में चना 5.000–6.000 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6.000–6.800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक चुकी हैं. तेल बीज और दाल उद्योग की मजबूत मांग के चलते किसानों को इस बार भी अपनी उपज के अच्छे भाव मिलने की संभावना है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
कृषि विशेषज्ञों की सलाह
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि मिट्टी की नमी और प्रमाणित बीज का उपयोग. संतुलित उर्वरक और सही समय पर कीट नियंत्रण से उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है. विभाग ने किसानों को सही सिंचाई अंतराल का पालन करने और बुवाई से पहले बीज उपचार (Seed Treatment) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं. जिससे फसल को शुरुआती रोगों से बचाया जा सके.
Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
November 06, 2025, 14:53 IST
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चना और सरसों की बुवाई ने बदल दिया रबी सीजन का माहौल, नागौर के खेतों में लौट…



