सर्दियों में मूली का रस: पथरी व इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद

Last Updated:December 09, 2025, 20:39 IST
सर्दियों में ताजी मूली और उसका रस सेहत का खजाना हैं, मूली का रस न केवल शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) में पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकने में भी मदद करता है. यह सर्दी-खांसी, गले के संक्रमण, कब्ज, ब्लोटिंग, एसिडिटी और किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद है. इसे पीने का आदर्श समय सुबह खाली पेट है. करीब एक मध्यम आकार की मूली का रस निकालकर थोड़ा काला नमक या शहद मिलाया जा सकता है, पीने के बाद 20–30 मिनट तक कुछ न खाएं या पिएं.
सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजी और सफेद सफेद मूली दिखने लगती है. इसका रस सेहत का खजाना है. यह रस न केवल बॉडी को डिटॉक्स करता है बल्कि कई गंभीर समस्याओं को जड़ से रोकने की ताकत रखता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर सचिन शर्मा के अनुसार इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) में स्टोन यानी पथरी बनने के प्रोसेस को रोकने में बहुत असरदार माना जाता है. ठंड के दिनों में इसे पीने से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है और शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं.

पथरी की प्रोसेस पर लगाम: आयुर्वेदिक डॉक्टर सचिन शर्मा ने बताया कि जब लिवर निकलने वाला पित्त (बाइल) गाढ़ा हो जाता है, तो उसमें क्रिस्टल बनने लगते हैं जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं. मूली का रस एक नैचुरल क्लींजर की तरह काम करता है., यह लिवर और गॉलब्लैडर के फंक्शन को इम्प्रूव करता है और पित्त के फ्लो को बेहतर बनाता है. इसके साथ ही, इसमें मौजूद तत्व पित्त को गाढ़ा होने से रोकते हैं, जिससे नई पथरी बनने के चांस काफी कम हो जाते हैं. यह एक तरह से प्रिवेंटिव मेकेनिज्म के तौर पर काम करता है.

मूली के रस के फायदे बहुत हैं, यह सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण में बहुत आराम देता है. यह प्राकृतिक एंटी-कंजेस्टिव है और पाचन (डाइजेशन) के लिए भी बेहतरीन है. यह कब्ज दूर करता है, ब्लोटिंग कम करता है और एसिडिटी या हार्टबर्न से बचाव करता है. यह शरीर में जमा अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालकर किडनी को भी स्वस्थ रखता है. यानी कुल मिलाकर, यह सर्दियों का एक सम्पूर्ण स्वास्थ्य पैकेज है.
Add as Preferred Source on Google

सही समय और सही तरीका, इसका पूरा लाभ उठाने के लिए इसे पीने का सही तरीका और समय जानना जरूरी है. आदर्श समय है सुबह उठकर खाली पेट। करीब एक मध्यम आकार की मूली का रस निकाल लें. स्वाद के लिए इसमें थोड़ा काला नमक या एक चम्मच शहद मिलाया जा सकता है. इसे पीने के बाद कम से कम 20–30 मिनट तक कुछ और न खाएं या पिएं. रोजाना लगातार पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है, खासकर सर्दियों के मौसम में.

डॉ. सचिन शर्मा के अनुसार, याद रखें कि मूली का रस एक हेल्दी, घरेलू नुस्खा है, यह कोई मेडिकल ट्रीटमेंट या दवा का विकल्प नहीं है. अगर आपकी कोई मौजूदा (एक्सिस्टिंग) मेडिकल कंडीशन है या आप नियमित कोई दवा ले रहे हैं, तो इसे शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श करें. स्वास्थ्य के मामले में स्व-चिकित्सा (सेल्फ-मेडिकेशन) खतरनाक हो सकती है. संतुलित (बैलेंस्ड) आहार और सक्रिय (एक्टिव) जीवनशैली के साथ ही ऐसे प्राकृतिक उपाय असरदार होते हैं.

डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि मूली का रस पीते समय कुछ जरूरी बातें जानना बहुत जरूरी हैं. एक दिन में 100 मिलीलीटर से अधिक रस बिल्कुल न पिएं, क्योंकि ज्यादा मात्रा पेट में जलन पैदा कर सकती है. अगर आपको पहले से गॉल ब्लैडर स्टोन है या गैस्ट्रिक अल्सर की समस्या है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसे न लें. इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए. हमेशा ताजा निकाला हुआ रस ही इस्तेमाल करें, बासी या स्टोर किया हुआ नहीं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
December 09, 2025, 20:39 IST
homelifestyle
जानिए सर्दियों में मूली के रस के फायदे: पथरी व इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद



