Rafale Pilot Shivangi Singh To Train New Recruits Flying Advanced Jets | राफेल पायलट स्कवाड्रन लीडर शिवांगी सिंह का अगला मिशन, हॉक जेट पर नए लड़ाकों को सिखाएंगी आसमान जीतना

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की पहली महिला राफेल पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह अब IAF के भविष्य को संवारने का काम करेंगी. उन्हें हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर बेड़े में नई जिम्मेदारी मिली है. अब वह नए ट्रेनी पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने की ट्रेनिंग देंगी. शिवांगी सिंह का यह सफर बेहद खास है क्योंकि उन्होंने हाल ही में एक बहुत मुश्किल कोर्स पूरा किया है. बनारस की रहने वाली शिवांगी वही अफसर हैं जिन्हें लेकर पाकिस्तान ने कभी झूठी खबरें फैलाई थीं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उन्हें कैद कर लिया गया है. लेकिन अब वह नए पायलटों को आसमान का सिकंदर बनाने के लिए तैयार हैं. शिवांगी सिंह ने अपनी काबिलियत से यह साबित कर दिया है कि वह हर चुनौती के लिए तैयार हैं.
क्या है शिवांगी सिंह की नई जिम्मेदारी और उन्होंने कौन सा कोर्स किया है?
शिवांगी सिंह ने हाल ही में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर कोर्स पूरा किया है. यह कोर्स एयर फोर्स स्टेशन तांबरम के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल में हुआ. यह मिलिट्री एविएटर्स के लिए सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित प्रोग्राम माना जाता है. अक्टूबर में 159वें क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स कोर्स की वैलीडिक्ट्री सेरेमनी में वह शामिल हुई थीं. अब वह एक ट्रेनिंग यूनिट में शामिल हो गई हैं. यहां उनका अनुभव नए पायलटों के काम आएगा. वह हॉक जेट्स पर नए रंगरूटों को ट्रेनिंग देंगी. एक फाइटर पायलट का इंस्ट्रक्टर बनना करियर का बड़ा पड़ाव होता है.
बनारस से निकलकर राफेल के कॉकपिट तक कैसे पहुंचीं शिवांगी सिंह?
शिवांगी सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं. उन्हें 2017 में वायुसेना में कमीशन मिला था. वह महिला फाइटर पायलटों के दूसरे बैच का हिस्सा थीं. राफेल उड़ाने से पहले उन्होंने मिग-21 बाइसन भी उड़ाया है. अंबाला में राफेल बेड़े में शामिल होने वाली वह एकमात्र महिला पायलट थीं जिन्हें इंडक्शन फेज में ट्रेनिंग मिली. उनके पास हाई-टेम्पो मिशन का तगड़ा अनुभव है. इसी साल की शुरुआत में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में उड़ान भरी थी तब शिवांगी उनके साथ फोटो में नजर आई थीं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह (File Photo)
पाकिस्तान ने शिवांगी को लेकर कौन सा खतरनाक झूठ फैलाया था?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शिवांगी सिंह अचानक चर्चा में आ गई थीं. उस समय पाकिस्तान ने उनके खिलाफ एक प्रोपेगेंडा चलाया था. पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि एक राफेल को मार गिराया गया है. झूठ यह भी बोला गया कि शिवांगी सिंह को कैद कर लिया गया है. यह पूरी तरह से गलत खबर थी. बाद में सीएनएन-न्यूज18 ने इसकी पुष्टि की थी कि वह भारत में सुरक्षित हैं और अपनी ड्यूटी कर रही हैं. शिवांगी ने अपनी मौजूदगी से पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी थी.
हॉक जेट पर शिफ्ट होना वायुसेना के लिए क्यों अहम है?
शिवांगी सिंह का हॉक जेट पर जाना एक सामान्य ट्रांसफर नहीं है. यह वायुसेना की अगली पीढ़ी को तैयार करने की कवायद है. शिवांगी के पास राफेल उड़ाने का फ्रंटलाइन अनुभव है. वह शांत दिमाग से मिशन को अंजाम देने के लिए जानी जाती हैं. उनका यह कौशल अब नए पायलटों में ट्रांसफर होगा. हॉक जेट्स का इस्तेमाल पायलटों को एडवांस ट्रेनिंग देने के लिए होता है. शिवांगी अब मेंटर की भूमिका में होंगी. इससे वायुसेना को भविष्य के लिए बेहतरीन फाइटर पायलट मिलेंगे.
एक महिला पायलट के तौर पर यह उपलब्धि कितनी खास है?
शिवांगी सिंह का सफर कई लड़कियों के लिए प्रेरणा है. मिग-21 से लेकर राफेल और अब हॉक ट्रेनर तक का उनका सफर शानदार रहा है. वह वायुसेना में जेंडर बैरियर तोड़ने वाली चुनिंदा महिलाओं में से एक हैं. फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनना उनकी तकनीकी समझ और उड़ान कौशल का प्रमाण है. अब वह आधिकारिक रूप से ‘गुरु’ की भूमिका में आ गई हैं. वायुसेना में इंस्ट्रक्टर का पद बहुत जिम्मेदारी वाला होता है. शिवांगी सिंह अब देश की सुरक्षा के लिए नए जांबाजों की फौज तैयार करेंगी.


