Rajasthan 5th in Honey Production in India

Last Updated:November 08, 2025, 11:32 IST
Nagaur News: राजस्थान के किसान अब खेती के साथ मधुमक्खी पालन से भी लाखों रुपए कमा रहे हैं. “मीठी क्रांति” के तहत राज्य सरकार 60% तक सब्सिडी दे रही है, जिससे राजस्थान 1.12 लाख कॉलोनियों के साथ देश में शहद उत्पादन में पांचवें नंबर पर पहुंच गया है. भरतपुर, अलवर और टोंक इसके मुख्य उत्पादक केंद्र हैं.
ख़बरें फटाफट
जयपुर: राजस्थान के किसान अब सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे मधुमक्खी पालन कर मीठी कमाई भी कर रहे हैं. राज्य सरकार की ओर से प्रोत्साहित “मीठी क्रांति” योजना के तहत किसान खेती के साथ शहद उत्पादन कर अपनी आय को दोगुना कर रहे हैं. इस सफल योजना के चलते राजस्थान अब देश में शहद उत्पादन के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 558 पंजीकृत मधुमक्खी पालक सक्रिय हैं, जिनके पास कुल 1.12 लाख से अधिक मधुमक्खी कॉलोनियां हैं. यह संख्या राज्य में मधुमक्खी पालन के बढ़ते दायरे को दर्शाती है. इस वृद्धि के कारण राजस्थान अब उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार के बाद देश का पांचवां सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन गया है.
इन जिलों में सबसे अधिक हो रहा मधुमक्खी पालनभरतपुर, टोंक और अलवर जिले मधुमक्खी पालन में अग्रणी हैं. यहां सरसों की खेती बड़े पैमाने पर होती है, जिससे मधुमक्खियों को पराग व रस भरपूर मात्रा में मिलता है. यह भौगोलिक और कृषि अनुकूलता इन जिलों को शहद उत्पादन का प्राकृतिक केंद्र बनाती है. इसके अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जैसे जिलों में भी मधुमक्खी पालन तेजी से बढ़ रहा है. भरतपुर तो अब देश के टॉप हनी प्रोड्यूसिंग डिस्ट्रीक्ट्स में शामिल है.
किसानों को मिल रही है 60% तक सब्सिडीराष्ट्रीय मधुमक्खी एवं शहद मिशन के तहत राज्य सरकार किसानों को उपकरणों और बॉक्स पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. इससे न केवल किसानों की लागत कम हो रही है, बल्कि उनकी आय भी बढ़ रही है. कई किसान अब अपने शहद की ब्रांडिंग और मार्केटिंग भी स्वयं करने लगे हैं, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल रहे हैं और वे एक सफल उद्यमी बन रहे हैं.
राज्य का पहला ‘मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र’किसानों को और अधिक कुशल बनाने के लिए सरकार अब टोंक में राज्य का पहला “मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र” स्थापित करने जा रही है. इस केंद्र में किसानों को प्रशिक्षण, अनुसंधान और विपणन से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. वर्तमान में राजस्थान में लगभग 2000 मीट्रिक टन शहद उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है, और लक्ष्य इसे अगले दो वर्षों में दोगुना करने का है. कुल मिलाकर, राजस्थान की “मीठी क्रांति” न केवल किसानों के जीवन में मिठास घोल रही है, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान दे रही है.
Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
November 08, 2025, 11:32 IST
Agriculture: खेती के साथ शुरू करें मधुमक्खी पालन, घर बैठे करें लाखों की कमाई



