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Rajasthan Lockdown News: राजस्थान में बढ़ सकता है लॉकडाउन, CM अशोक गहलोत आज कैबिनेट में ले सकते हैं फैसला


राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत आज लॉकडाउन बढ़ाने पर ले सकते हैं फैसला.
Rajasthan Lockdown News: राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज लॉकडाउन बढ़ाने पर ले सकते हैं फैसला. कोर ग्रुप से चर्चा में सीएम ने दिए संकेत, विशेषज्ञों ने सख्ती जारी रखने की जरूरत पर दिया जोर.
जयपुर. राजस्थान में कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है. माना जा रहा है कि प्रदेश में 31 मई या 10 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय आज मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया जा सकता है. मुख्यमंत्री अशोक की अध्यक्षता में आज होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना के खतरे को लेकर चर्चा होगी. इस बैठक से पहले जहां मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के संकेत दिए हैं तो वहीं विशेषज्ञों ने भी सख्त कदम जारी रखने की जरूरत बताई है. सीएम अशोक गहलोत ने शुक्रवार देर शाम कोर ग्रुप के साथ कोरोना से बने हालातों की समीक्षा की. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जन अनुशासन पखवाड़ा, महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा और लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर अब दिखने लगा है. लेकिन संक्रमण की स्थिति और मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से पालन करवाने के साथ सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा. इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की घोषणा हो सकती है. साथ ही कुछ सख्तियां और बढ़ई जा सकती हैं. बैठक में जिलों का दौरा कर रहे मंत्रियों से फीडबैक लेकर उसके आधार पर लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय होगा. सख्ती जारी रखने की जरूरत बैठक में चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी कहा कि संक्रमण की स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन का पालन प्रदेश के हित में है. बैठक में शामिल चिकित्सा विशेषज्ञों डॉ. राजाबाबू पंवार, डॉ. सुधीर भण्डारी और डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने भी दूसरी और तीसरी लहर में ज्यादा अंतर की बात नहीं होने की बात कहते हुए लॉकडाउन जारी रखने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि पहली लहर के बाद कोविड प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही हुई. हमें इसके अनुभव से सबक लेते हुए सख्त कदम जारी रखने होंगे. बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में लोगों का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया. लेकिन शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमण का काफी प्रसार हुआ है. युवा वर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी संक्रमण की चपेट में आए हैं. ऐसे में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाना है.ऑक्सीजन का बफर स्टॉक तैयार बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सैम्पलिंग बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही आगामी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को योजनाबद्ध ढंग से मजबूत किया जाएगा. वहीं मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने जानकारी दी कि मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक तैयार कर लिया गया है. साथ ही स्थानीय स्तर पर भी ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा है. उन्होंने कहा कि पहली और दूसरी लहर के अनुभवों से सबक लेते हुए तीसरी लहर के लिए योजना बनाई जा रही है. बैठक में चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे का पहला चरण पूरा हो गया है और दूसरे चरण में भी 60 प्रतिशत भाग कवर लिया गया है. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस महामारी के इलाज के लिए गाइडलाइन जारी करने के साथ ही दरें तय कर दी गई हैं. इसके उपचार के लिए 20 अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, साथ ही चिकित्सकों को उपचार और सर्जरी के लिए जरूरी ट्रेनिंग भी दे दी गई है.