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Jaipur Indigo Flight Crisis. राजस्थान के कई एयरपोर्ट्स पर इंडिगो एयरलाइंस की अव्यवस्थाओं ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं. बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की योजनाएं बिगड़ गई हैं और उन्हें एयरपोर्ट पर ही घंटों तक परेशान होना पड़ रहा है. कई यात्रियों ने बताया कि वे जब बोर्डिंग से पहले काउंटर पर पहुंचे, तभी उन्हें पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई है. इस स्थिति ने यात्रियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है क्योंकि एयरलाइन की ओर से न समय पर सूचना दी जा रही है और न ही आगे की यात्रा के लिए उचित व्यवस्था.
रेलवे ने उठाया फायदा, 2 स्पेशल ट्रेनें चलाईंहवाई सेवाएं रद्द होने का सीधा फायदा रेलवे को हुआ. नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे ने तत्काल प्रभाव से दो स्पेशल रेलों का संचालन किया. पहली रेल दुर्गापुरा (जयपुर) से बांद्रा टर्मिनस और दूसरी हिसार से खडकी के बीच चलाई गई. इससे हजारों यात्रियों को राहत मिली है.
जयपुर एयरपोर्ट पर आज 44 फ्लाइट रद्द, किराए में उछालआज जयपुर एयरपोर्ट पर स्थिति और बिगड़ गई. कुल 44 फ्लाइटें रद्द हुईं, जिनमें 22 अराइवल और 22 डिपार्चर शामिल हैं. इंडिगो की रद्द उड़ानों का सीधा असर दूसरे एयरलाइंस पर पड़ा. एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट ने किराया 15 से 25 हजार रुपये तक बढ़ा दिया. एकमात्र फ्लाइट वाले शहरों के यात्री सबसे ज्यादा परेशान रहे.
यश सहित कई यात्री घंटों से फंसेजयपुर एयरपोर्ट पर यश नाम का युवक भी सुबह 8 बजे से अपनी उड़ान के इंतजार में बैठा है. उसकी चेन्नई जाने की फ्लाइट सुबह 9 बजकर 55 मिनट की थी, लेकिन काउंटर पर उसे बताया गया कि आज यह फ्लाइट उपलब्ध नहीं है और उसे शाम की फ्लाइट पर शिफ्ट किया जा रहा है. यश का कहना है कि कई यात्री उससे भी पहले से बैठे हैं और किसी को नहीं पता कि उनकी फ्लाइट कब चलेगी. उसने बताया कि ऐसे कई पैसेंजर हैं जिन्हें दो दिन पहले कहा गया था कि अगले दिन फ्लाइट मिल जाएगी, लेकिन वे अभी तक एयरपोर्ट पर ही इंतजार कर रहे हैं. यश के मुताबिक मैनेजमेंट की ओर से कहा गया है कि हालात सामान्य होने में एक सप्ताह भी लग सकता है, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है.
डॉक्टर पियूष और प्रियांशी की यात्रा सबसे ज्यादा प्रभावितइंडिगो की अव्यवस्था का सबसे बड़ा खामियाजा डॉक्टर पियूष और डॉक्टर प्रियांशी को भुगतना पड़ा है. दोनों मंगलौर से जोधपुर आए थे और 3 दिसंबर को उनकी जोधपुर से मंगलौर जाने वाली फ्लाइट अचानक रद्द कर दी गई. एयरलाइन ने उन्हें यह कहकर जयपुर भेज दिया कि वहां से उनकी फ्लाइट की व्यवस्था कर दी जाएगी. दोनों डॉक्टरों ने भरोसा करते हुए तुरंत जयपुर का रुख किया, लेकिन यहां पहुंचते ही उन्हें फिर से निराशा मिली. जयपुर से उनकी मंगलौर की फ्लाइट भी रद्द कर दी गई. उन्होंने जब काउंटर पर सवाल पूछा कि आखिर जोधपुर से जयपुर क्यों भेजा गया, तो स्टाफ कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका. उलटे उन्हें बताया गया कि अगली उड़ान 8 दिसंबर को है और वह भी पक्की नहीं है. डॉक्टरों का कहना है कि वे इमरजेंसी ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं, लेकिन दूसरी एयरलाइंस के टिकट 47 से 60 हजार रुपये में मिल रहे हैं, जिन्हें खरीद पाना संभव नहीं. उन्होंने बार-बार स्टाफ से समाधान मांगा, लेकिन उन्हें सिर्फ इंतजार की सलाह दी गई.
विदर्भ क्रिकेट टीम भी फंसी, बस से जाने की तैयारीजयपुर एयरपोर्ट पर कूच बिहार ट्रॉफी में हिस्सा लेने आई विदर्भ क्रिकेट टीम भी इंडिगो की अव्यवस्था का शिकार हुई है. टीम को नागपुर लौटना था, लेकिन उनकी फ्लाइट भी रद्द कर दी गई. टीम मैनेजमेंट का कहना है कि दो दिन बाद जम्मू में उनका मैच है और समय पर पहुंचना बेहद जरूरी है. मजबूरी में अब टीम नागपुर तक बस से जाने की तैयारी कर रही है, जिसमें करीब 30 घंटे लगेंगे. खिलाड़ियों ने कहा कि यह सफर बेहद कठिन है, लेकिन एयरलाइन के पास कोई समाधान नहीं है, इसलिए यही विकल्प बचा है.
इंडिगो से भरोसा कमजोरराजस्थान में एक ही दिन में 15 फ्लाइटों के रद्द होने से एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कई यात्रियों का कहना है कि इस स्थिति में एयरलाइन की प्राथमिकता यात्रियों को सही जानकारी देना और वैकल्पिक व्यवस्था करना होना चाहिए, लेकिन इंडिगो ने न यह किया और न कोई मदद दी. यात्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं आगे इंडिगो पर भरोसा कमजोर कर देंगी क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समय का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा.



