Rajasthan News : राजस्थान में अगले महीने होंगे छात्रसंघ चुनाव! छात्र नेताओं की पूरी हो सकती है मुराद

जयपुर. राजस्थान में बीते काफी समय से छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. राजस्थान में अगस्त माह में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं. हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक इसको लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है. लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए कैलेंडर में छात्रसंघ चुनावों और छात्रसंघ कार्यालयों के उद्धघाटन का जिक्र किया गया है. इससे इस बात के संकेत मिले हैं कि अगले माह सूबे में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं.
राजस्थान में शिक्षा विभाग की ओर से समान मॉडल अकादमिक कलेंडर और अवकाश कैलेंडर-2024-25 तैयार किया गया है. इस संबध में पहले एक कमेटी गठित की गई थी. शिक्षा विभाग की ओर से जारी गए इस कलेंडर में छात्रसंघ चुनावों का जिक्र किया गया है. इसके साथ ही छात्रसंघ पदाधिकारी कार्यालय उद्घाटन को भी इसमें शामिल किया गया है. हालांकि इसमें छात्रसंघ चुनावों के लिए किसी तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. लेकिन इससे इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव हो सकते हैं.
यह है राजस्थान के छात्रसंघ चुनावों का इतिहाससूबे में साल 2005 के छात्रसंघ चुनाव के दौरान काफी हंगामा हुआ था. उसके बाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. बाद में साल 2006 में छात्रसंघ चुनावों पर रोक लग गई थी. फिर साल 2010 में एक बार फिर से इन चुनाव की शुरुआत हुई थी. लेकिन कोरोना काल में साल 2020 और 2021 में भी ये चुनाव नहीं हो पाए. साल 2022 फिर छात्रसंघ चुनाव हुए लेकिन उसके बाद 2023 में सरकार ने फिर से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए. तब से छात्र भड़के हुए हैं.
पिछली बार गहलोत सरकार ने नहीं कराए थे चुनावराजस्थान में अमूमन अगस्त माह में छात्रसंघ चुनाव होते हैं. छात्रसंघ चुनावों को लेकर कई बार मतभेद सामने आए हैं. एक बार पहले भी राजस्थान में लंबे समय तक छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे. उसके बाद वे शुरू हुए. लेकिन गत बार भी पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने कई कारणों का हवाला देते हुए छात्रसंघ चुनाव कराने से इनकार कर दिया था. उसके बाद प्रदेशभर में छात्रों ने गदर मचा दिया था. वे चुनावों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए. हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई थी. कई छात्र नेताओं ने खून से भी सरकार को पत्र तक लिखे थे. इस बार भी गदर मचा हुआ है। हाल ही में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने इसको लेकर विधानसभा में सवाल पूछा था.
राजनीति की पहली सीढ़ी माना जाता है छात्रसंघ चुनावदरअसल छात्रसंघ चुनावों को राजनीति की पहली सीढ़ी माना जाता है. राजनीति में आने के इच्छुक कई छात्र तो चुनाव लड़ने के लिए ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं. शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जयपुर, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर समेत कई शहरों में भावी उम्मीदवारों के विवि और कॉलेज परिसरों के साथ शहर में पोस्टर चस्पा होने लग जाते हैं. छात्र नेता नए छात्रों के आसपास उनके प्रवेश के समय ही मंडराने लग जाते हैं. अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह छात्रसंघ चुनाव कराएगी या नहीं.
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FIRST PUBLISHED : July 26, 2024, 11:23 IST