Rajasthan : वी श्रीनिवास होंगे नए मुख्य सचिव… नरसिम्हा राव परिवार से जुड़ाव और PMO का विश्वास, जानें कौन है यह IAS?

जयपुर. राजस्थान को जल्द ही नया मुख्य सचिव मिलने वाला है और केंद्र सरकार ने इसके लिए औपचारिक रूप से सहमति प्रदान कर दी है. वी. श्रीनिवास को समय से पहले कार्यमुक्त कर राज्य सरकार के लिए उपलब्ध करा दिया गया है. अब राजस्थान सरकार औपचारिक आदेश जारी करेगी, जिसके बाद संभावना है कि वी. श्रीनिवास सोमवार तक या उससे पहले कार्यभार संभाल लेंगे. 1989 बैच के आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास केंद्र में प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत और पेंशन विभाग (DARPG) के सचिव के रूप में तैनात थे. दिल्ली में पिछले 8 वर्षों की उनकी सेवा ने उनकी छवि को एक ईमानदार, तेज-तर्रार और कुशल प्रशासक के रूप में मजबूत किया है. पीएमओ के विश्वस्त अधिकारियों में गिने जाने वाले श्रीनिवास को 5 से 14 सितंबर तक DoPT का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था, जो उनके प्रशासनिक कौशल का प्रमाण माना जाता है.
गौरतलब है कि हाल ही में वी. श्रीनिवास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वे 100 साल पुराने International Institute of Administrative Sciences (IIAS) के अध्यक्ष चुने गए हैं, और यह पहली बार है जब कोई भारतीय इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचा है. उन्हें यह पद 75 सालों में पहली बार किसी भारतीय सिविल सेवक के रूप में मिला है. श्रीनिवास मूल रूप से तेलंगाना (तत्कालीन आंध्र प्रदेश) से हैं और सितंबर 2026 में सेवानिवृत्त होंगे. उनका संबंध पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के परिवार से भी बताया जाता है.
डिजिटल प्रशासन और तकनीकी नवाचार में स्थापित नामवी. श्रीनिवास को प्रशासनिक जगत में डिजिटल गवर्नेंस का चैंपियन माना जाता है. AIIMS के डिजिटल प्रोजेक्ट को 2016 और 2017 में मिले राष्ट्रीय पुरस्कार यह साबित करते हैं कि वे किसी भी योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने की क्षमता रखते हैं. उनका विकसित किया हुआ CPGRAMS पोर्टल 56 देशों द्वारा अपनाए जाने लायक मॉडल बना, जिसे कॉमनवेल्थ ने भी मान्यता दी. प्रशासनिक सुधारों में उनकी विशेषज्ञता उनकी पहचान को और मजबूत करती है.
खेती, उत्पादकता और जमीनी समझ भी बेहतरीनसाल 1995 और 1997 में वर्षा आधारित कृषि में सर्वोच्च उत्पादकता के लिए उन्हें नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल अवॉर्ड मिला, जो यह दर्शाता है कि वे सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर के कार्यों में भी गहरी पकड़ रखते हैं.
खेल के मैदान में भी रहे चैंपियनवी. श्रीनिवास का व्यक्तित्व सिर्फ फाइलों और नीतियों तक सीमित नहीं है. वे जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियन, 1984 के नरंग कप विजेता और 1989 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटीज बैडमिंटन चैंपियन रह चुके हैं. 1980 से 1989 तक उन्होंने आंध्र प्रदेश और उस्मानिया यूनिवर्सिटी टीमों की कप्तानी की, जो उनके नेतृत्व कौशल को उजागर करता है.
लेखन, शोध और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत उपस्थितिदो शोध फैलोशिप्स, IMF पर 25 वर्षों का विश्लेषण, G20 की भारतीय अध्यक्षता पर शोध और The March to New India जैसी पुस्तकों के लेखक के रूप में भी वे काफी सम्मानित हैं. उनके नाम 250 से अधिक शोध-पत्र और 175 से ज्यादा व्याख्यान दर्ज हैं, जो उन्हें विचारशील प्रशासक बनाते हैं.
‘विकसित भारत@2047’ के प्रमुख रणनीतिक दिमागIIAS–DARPG की 710 पृष्ठों वाली महत्वाकांक्षी पुस्तक के लिए उन्होंने 18 महीनों तक संपादकीय टीम की कमान संभाली. यह उनकी संस्थान-निर्माण क्षमता को प्रमाणित करता है.
राजस्थान के लिए क्या बदल सकता हैराजस्थान को एक ऐसा मुख्य सचिव मिलने जा रहा है जिसने प्रशासन को नौकरी नहीं बल्कि मिशन की तरह जिया है. उनकी विशेषज्ञता नवाचार, डिजिटल प्रशासन, संस्थागत सुधार और शोध-आधारित नीति निर्माण में है. उम्मीद है कि उनके आने से राज्य प्रशासन में नई ऊर्जा और नए मानक स्थापित होंगे.
कुल मिलाकर, वी. श्रीनिवास का मुख्य सचिव के रूप में आगमन सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐसे बहुआयामी व्यक्तित्व का प्रवेश है जो फील्ड, फाइल, शोध, खेल और नीति—हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ चुका है. राजस्थान की प्रशासनिक कहानी का नया अध्याय अब शुरू होने वाला है.



