Rajasthan

Rajasthan:6 माह की उम्र में मिला दिव्यांगता का दंश, हार नहीं मानी, अब देश का नाम कर रहा नाम रौशन

नरेश पारीक/चूरू. कहते हैं सफलता संसाधनों की मोहताज नही होती. कुछ ऐसा ही चूरू के निकटवर्ती देपालसर गांव के राकेश भेड़ा के साथ देखने को मिला है. जिसकी कामयाबी की गूंज आज चारों ओर है. 27 साल के राकेश भेड़ा बताते है जब वह 6 महीने के थे तब पोलियो का टीका आउट होने से उनका एक हाथ काम करना बंद कर दिया था. इसके बावजूद भी दिव्यांगता को कभी अपने ऊपर हावी नही होने दिया. राकेश भेड़ा  हाल  ही में बेंगलुरु में आयोजित 5 वी इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटनेशनल चेम्पियनशिप में राकेश भेडा ने दो मेडल जीत ये साबित कर दिया. राकेश ने 800 मीटर में गोल्ड और 1500 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता है. बेंगलुरु में आयोजित हुई इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित 12 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया.

भेडा ने 8 महीने पहले मोरक्को में हुई 6th वर्ल्ड पैरा इंटरनेशनल एथलेटिकस ग्रांड प्रिक्स में 1500 मीटर दौड़ में गोल्ड मैडल जीतकर साबित कर दिया था कि सफलता संसाधनों की मोहताज नही होती.राकेश पैरा एशियन गेम्स चीन 2023 के लिए भी क्वालीफाई भी कर चुका है.एशियन रैंकिंग में 1st नंबर पर चल रहा है

ग्राउंड नही मिला तो धोरों में बहाया पसीना
27 वर्षीय राकेश एक साधारण किसान परिवार से आते है जिनका परिवार पूर्णतया खेती किसानी पर निर्भर है चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के राकेश ने बताया कि उसने करीब चार साल पहले गांव के ही धोरों में अभ्यास शुरू किया और पसीना बहाया जिसका परिणाम आज सबके सामने है.

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अभ्यास करवाने के लिए कोच नही हुए राजी
राकेश ने बताया कि एक साल तक गांव में लगातार अभ्यास करने के बाद उन्होंने जब कोच से संपर्क किया तो किसी कोच ने उन्हें अभ्यास करवाने की हां नही भरी जिसके बाद राकेश का संपर्क कोच महावीर सैनी से हुआ जिन्होंने राकेश का हौसला बढ़ाते हुए कहा में तुझे चैम्पियन बनाऊंगा तू मेहनत करता जा.जिसके बाद कोच महावीर सिंह ने जयपुर sms स्टेडियम बुलाकर तीन साल तक प्रैक्टिस करवाई

भाई ने दिया सहारा
राकेश ने बताया कि ट्रैक पर दौड़ने के लिए उसके पास अच्छे जूते और अभ्यास करने के लिए संसाधन नहीं थे बावजूद उसका हौसला कभी कम नहीं हुआ राकेश ने बताया कि अभ्यास तो उसने साधारण जूतों से किया लेकिन ट्रैक पर दौड़ने के लिए उसे अच्छे और विशेष जूतों की आवश्यकता थी महंगे जूते खरीदने में राकेश खुद असमर्थ था ऐसे में परिवार और भाई ने राकेश का आर्थिक सहयोग कर उसकी जरूरतों को पूरा किया.

Tags: Churu news, Rajasthan news, Sports news

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