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राजस्थानी लोक कला खतरे में! कालबेलिया कलाकार सेनू सपेरा ने जताई नाराज़गी, युवाओं को चेताया

Last Updated:December 05, 2025, 10:04 IST

जयपुर. प्रसिद्ध कालबेलिया कलाकार सेनू सपेरा ने सोशल मीडिया पर वायरल अशोभनीय नृत्य पर नाराज़गी जताई. उन्होंने युवाओं से अपील की कि पारंपरिक ड्रेस पहनकर अभद्र हरकतें न करें. क्योंकि यह विरासत का अपमान है. साथ ही सरकार से पारंपरिक कला की सुरक्षा के लिए सहयोग की मांग की.
राजस्थानी लोक कला खतरे में! कालबेलिया कलाकार सेनू सपेरा ने जताई नाराज़गी...कालबेलिया नृत्य की गरिमा बचाएं. सेनू सपेरा का संदेश.

जयपुर.अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले प्रसिद्ध कालबेलिया लोक कलाकार सेनू सपेरा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ युवकों के अभद्र नृत्य पर कड़ा ऐतराज़ जताया है. सेनू का कहना है कि पारंपरिक कालबेलिया ड्रेस पहनकर अशोभनीय हरकतें करना सदियों पुरानी विरासत का अपमान है और इससे कला की मूल पहचान खतरे में पड़ रही है.

उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे प्रसिद्धि पाने के लिए कला की गरिमा को ठेस न पहुंचाएं.

“परिधान नहीं. संस्कृति का प्रतीक”सपेरा ने स्पष्ट किया कि कालबेलिया की पारंपरिक ड्रेस केवल एक परिधान नहीं है. बल्कि यह समुदाय की संस्कृति और प्रतिष्ठा का प्रतीक है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा.

“डांस करना हर किसी का अधिकार है. लेकिन किसी की पुश्तैनी विरासत को विकृत करने का हक किसी को नहीं है. आने वाली पीढ़ियां बड़ों को देखकर कला सीखती हैं. ऐसे में अशोभनीय प्रस्तुतियों से कला की गरिमा प्रभावित होती है.”

उन्होंने चिंता व्यक्त की कि मनोरंजन के नाम पर इस कला को बदनाम किया जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की पहचानसेनू सपेरा ने कालबेलिया नृत्य को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने जापान. स्पेन. रूस. फ्रांस. जर्मनी. चीन. अमेरिका और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दी है.

उन्होंने गर्व से बताया कि विदेशों में पारंपरिक ड्रेस में मंच पर उतरते ही लोग पहचान लेते हैं कि कलाकार राजस्थान से हैं.
उनके स्टूडेंट्स भी इस कला को सम्मान के साथ सीखते और आगे बढ़ाते हैं. उन्होंने ज़ोर दिया कि कला को इसी पवित्रता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए.
सेनू सपेरा ने कहा कि यह नृत्य यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझना जरूरी है.

पारंपरिक कला की सुरक्षा के लिए सरकारी सहयोगअंत में सेनू सपेरा ने सरकार से अपील की कि इस अमूल्य विरासत को बचाने के लिए कलाकारों का सहयोग किया जाए और कला को विकृत करने वालों पर लगाम लगाई जाए.

उनका कहना है कि यदि समय रहते पहल नहीं की गई तो कालबेलिया नृत्य आधुनिकता की आड़ में अपनी असली पहचान खो सकता है. उन्होंने कला. संस्कृति और पर्यटन विभागों से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया.

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

December 05, 2025, 10:04 IST

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