धौलपुर में दुर्लभ पक्षी दर्शन

Last Updated:January 08, 2026, 10:37 IST
Dholpur: धौलपुर के वन विहार अभयारण्य और चंबल नदी के तट पर सर्दियों के मौसम में दुर्लभ पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है. वन विहार में ‘यलो फूटेड ग्रीन पिजन’ और चंबल तट पर ‘पनचीरा’ जैसे पक्षी अठखेलियाँ करते देखे जा रहे हैं. धौलपुर का यह प्राकृतिक वातावरण पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है, जहाँ वे इन रंग-बिरंगे परिंदों को करीब से देख सकते हैं.
राजस्थान के धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड में इन दिनों प्रकृति का एक सुंदर नजारा देखने को मिल रहा है, जहां कई खेतों में एशियाई सारस नजर आ रहे हैं. सर्दियों के मौसम में खेतों में भरा हुआ पानी इन पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. इन जलमग्न खेतों में सारस बड़ी संख्या में कीड़े-मकोड़े, मछलियाँ और मेंढक खाते हुए देखे जा सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह भारत से लेकर इंडोनेशिया तक पाई जाने वाली एक व्यापक उष्णकटिबंधीय प्रजाति है, जो अनुकूल वातावरण मिलने पर यहाँ डेरा डाले हुए है.

सर्दियों के मौसम में चंबल नदी के किनारे इन दिनों एक अत्यंत दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी ‘पनचीरा’ (Indian Skimmer) दिखाई दे रहा है. पनचीरा को धौलपुर जिले का ‘जिला पक्षी’ होने का गौरव भी प्राप्त है, लेकिन वर्तमान में यह प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है. अपनी लंबी लाल चोंच और शानदार उड़ान के लिए पहचाना जाने वाला यह पक्षी अक्सर चंबल के टापूओं पर देखा जाता है. यह मुख्य रूप से चंबल नदी के पानी में मछलियों का शिकार करता है और इसके प्रजनन व अस्तित्व के लिए चंबल का यह क्षेत्र एक सुरक्षित प्राकृतिक घर माना जाता है.

राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित वन विहार अभयारण्य अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है और यह जिले के सबसे पुराने वन्यजीव क्षेत्रों में से एक माना जाता है. इन दिनों सर्दियों के मौसम में यहाँ ‘यलो फूटेड ग्रीन पिजन’ (पीले पैरों वाले हरे कबूतर) को धूप का आनंद लेते हुए देखा जा रहा है. विशेष बात यह है कि इस पक्षी को महाराष्ट्र के राज्य पक्षी का गौरव प्राप्त है और वर्तमान में यह धौलपुर के वन विहार में अपने पूरे झुंड के साथ डेरा डाले हुए है. यह पक्षी मुख्य रूप से बेर, चिरौंजी और जामुन जैसे फल खाना पसंद करता है.
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राजस्थान के धौलपुर जिले में पहली बार एक दुर्लभ पक्षी ‘स्ट्रिएटेड ग्रासबर्ड’ देखा गया है, जिसे लेकर पक्षी प्रेमियों में भारी उत्साह का माहौल है. इस पक्षी की उपस्थिति धौलपुर जिले के पचगांव गांव के पास दर्ज की गई है. अपनी लंबी पूंछ और शरीर पर बनी विशेष धारियों के लिए पहचाना जाने वाला यह पक्षी मुख्य रूप से घास के मैदानों में निवास करता है. यह दुर्लभ पक्षी घास वाले इलाकों में छिपे कीड़े-मकोड़े खाकर अपना पेट भरता है. धौलपुर की जैव विविधता में इस नए पक्षी का जुड़ना पर्यावरण की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है.

आमतौर पर चमगादड़ों को पुराने किलों. खंडहरों और जर्जर हवेलियों में देखा जाता है. लेकिन राजस्थान के धौलपुर जिले में इन्हें जिला अस्पताल के पास एक पेड़ पर देखा गया है. ये ‘फ्रूट बैट फ्लाइंग फॉक्स’ प्रजाति के चमगादड़ हैं. इनके पंखों का फैलाव 3 मीटर तक हो सकता है. इनमें सूंघने की शक्ति बहुत अधिक होती है. ये हवा के साथ आ रही फलों की खुशबू को भी आसानी से पहचान लेते हैं.
First Published :
January 08, 2026, 10:37 IST
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