Business

RBI ने बीमा लागत वितरण पर दी चेतावनी, प्रीमियम बढ़ सकता है

Last Updated:January 02, 2026, 15:45 IST

देश में इंश्योरेंस प्रीमियम इसलिए नहीं बढ़ रहा कि कंपनियां अपनी सेवाएं बेहतर कर रही हैं, बल्कि इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि कंपनियां ग्राहकों को जोड़ने के लिए भारी-भरकम पैसा खर्च कर रही हैं.

ख़बरें फटाफट

क्यों महंगा हो रहा है आपका इंश्योरेंस? RBI ने ने खोला राजबीमा कंपनियों की कुल प्रीमियम आय 2024-25 में 11.9 लाख करोड़ रुपये रही

नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बीमा क्षेत्र में संरचनात्मक दबावों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि बीमा प्रीमियम में वृद्धि अब संचालन दक्षता के बजाय कंपनियों की उच्च-लागत वितरण-प्रेरित रणनीतियों से संचालित हो रही है. आरबीआई की नवीनतम ‘वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट’ में कहा गया है कि हाल में देखने में आया है कि सतही स्थिरता के बावजूद मध्यम अवधि में निरंतरता और कवरेज विस्तार पर दबाव बन सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, “मुख्य दबाव उच्च व्यय संरचना, खासकर अधिग्रहण लागत की लगातार उच्च दर के रूप में दिखाई देता है. प्रीमियम वृद्धि अब अधिकतर उच्च-लागत वितरण रणनीतियों के कारण है, परिचालन दक्षता के कारण नहीं.”

रिपोर्ट कहती है कि जीवन बीमा क्षेत्र में अग्रिम अधिग्रहण लागत ने यह सुनिश्चित नहीं होने दिया कि पैमाना बढ़ने पर लाभ सीधे पॉलिसीधारक तक पहुंचे. इसके अलावा, डिजिटलीकरण से होने वाले संभावित लाभ भी अभी तक पूरी तरह से हासिल नहीं हुए हैं.

आरबीआई ने दी चेतावनी

यह रिपोर्ट चेतावनी भरे अंदाज में कहती है, ‘बीमा कंपनियों के लगातार उच्च व्यय लाभांश को कमजोर कर सकते हैं और चक्रीय उतार-चढ़ाव को बढ़ा सकते हैं.’ रिपोर्ट के मुताबिक, लागत को नियंत्रित करने, मध्यस्थ प्रोत्साहनों को पॉलिसीधारकों के मूल्य एवं स्थिरता से जोड़ने और प्रौद्योगिकी-आधारित कम-लागत वाले वितरण मॉडल को अपनाने की जरूरत है. यह उपाय लंबे समय में उपभोक्ता मूल्य, क्षेत्रीय स्थिरता और उच्च गुणवत्ता, व्यापक कवरेज वाले संतुलन की दिशा में मदद करेंगे.

वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, बीमा कंपनियों की कुल प्रीमियम आय 2024-25 में 11.9 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि 2020-21 में यह 8.3 लाख करोड़ रुपये थी. हालांकि, जीवन बीमा और गैर-जीवन बीमा दोनों क्षेत्रों में वृद्धि दर सुस्त पड़ने के संकेत हैं. रिपोर्ट ने सार्वजनिक और निजी जीवन बीमा कंपनियों की लागत दक्षता में अंतर का भी उल्लेख किया है. सार्वजनिक जीवन बीमा कंपनियां खर्च प्रबंधन पर जोर देती हैं और अधिग्रहण लागत कम रखती हैं जबकि निजी जीवन बीमाकर्ताओं के कमीशन भुगतान में तेज वृद्धि देखी गई जो उच्च लागत वितरण-प्रेरित वृद्धि को दर्शाती है.

Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

December 29, 2025, 10:49 IST

homebusiness

क्यों महंगा हो रहा है आपका इंश्योरेंस? RBI ने ने खोला राज

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj