भरतपुर: गिर्राज सरसों की रिकॉर्ड बुवाई, उत्पादन बढ़ने की संभावना

Last Updated:December 05, 2025, 20:25 IST
भरतपुर जिला, राजस्थान में सरसों उत्पादन में हमेशा अग्रणी रहा है. इस साल जिले में कुल 1,38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है. मिट्टी और मौसम की अनुकूल स्थिति के कारण गिर्राज किस्म की सरसों किसानों की पहली पसंद बनी हुई है, जबकि राधिका और कुछ प्राइवेट हाइब्रिड किस्में भी बोई जा रही हैं. कृषि विभाग के अनुसार, समय पर बारिश और अनुकूल मौसम के चलते इस बार भी उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है.
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भरतपुर. राजस्थान में सरसों उत्पादन की बात होती है तो भरतपुर जिला हमेशा सबसे आगे नजर आता है. इस बार भी जिले के किसानों ने बड़े पैमाने पर सरसों की बुवाई की है और कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार भरतपुर में कुल 1,38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती हुई है. मौसम का मिजाज और मिट्टी की संरचना यहां की सरसों उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है. यही कारण है कि भरतपुर कई वर्षों से सरसों के मामले में प्रदेश में पहले पायदान पर बना हुआ है.
कृषि विभाग और किसानों का कहना है कि भरतपुर की मिट्टी सरसों की प्रमुख किस्मों के लिए आदर्श मानी जाती है. इस जिले में सबसे ज्यादा गिर्राज वैरायटी की सरसों बोई जाती है. जो उच्च गुणवत्ता वाली मानी जाती है इस किस्म से तेल की मात्रा अन्य किस्मों की तुलना में अधिक निकलती है और पैदावार भी बेहतर मिलती है. इसके साथ ही राधिका और कुछ प्राइवेट हाइब्रिड किस्में भी बड़ी संख्या में बोई जा रही हैं. गिर्राज किस्म का तेल सबसे ज्यादा निकलने की वजह से यह किसानों की पहली पसंद बनी हुई है.
प्रदेशभर की मंडियों में सरसों की आवक में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी
इस बार भी किसानों ने उम्मीद जताई है कि भरतपुर से प्रदेशभर की मंडियों में सरसों की आवक में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी शुरुआती चरण में फसल की बढ़वार अच्छी मानी जा रही है. किसानों का कहना है कि समय पर बारिश और अनुकूल मौसम ने फसल को मजबूती दी है. जिससे उत्पादन में इस बार भी बढ़ोतरी की उम्मीद है. भरतपुर कृषि विभाग के संयुक्त महानिदेशक सुरेश गुप्ता ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि भरतपुर जिला सरसों उत्पादन में लगातार अग्रणी रहा है.
उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी में मौजूद तत्व और जलवायु की स्थितियां सरसों की उच्च गुणवत्ता वाली फसल के लिए आदर्श मानी जाती हैं. इसलिए जिले के किसान वर्षों से बड़े क्षेत्र में सरसों की खेती कर रहे हैं और हर साल इसकी मात्रा में वृद्धि दर्ज की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस बार जिले में लगभग सभी ब्लॉकों में सरसों की अच्छी बुवाई हुई है और गिर्राज किस्म की मांग किसानों में सबसे अधिक रही. कई प्राइवेट कंपनियों की उन्नत किस्मों को भी किसानों ने अपनाया है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम सामान्य रहा और ठंड का असर संतुलित बना रहा तो इस बार भरतपुर से राज्य की विभिन्न मंडियों में सरसों की आवक पिछले साल से अधिक रहने वाली है. इससे किसानों की आय बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं. कुल मिलाकर भरतपुर एक बार फिर सरसों उत्पादन का केंद्र बनकर उभर रहा है.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Bharatpur,Rajasthan
First Published :
December 05, 2025, 20:25 IST
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जानें सरसों की कौन-सी किस्म देती है सबसे ज्यादा तेल उत्पादन!



