Rajasthan

Lal Bor (Ber) Significance in Laxmi Puja, Bhilwara Diwali

Last Updated:October 18, 2025, 09:25 IST

Bhilwara News: भीलवाड़ा में दीपावली के मौके पर लाल बोर (बेर) की मांग बढ़ गई है. यह छोटा फल लक्ष्मी पूजन में विशेष महत्व रखता है और पहाड़ी इलाकों से सीधे बाजार में आता है. 40 वर्षों से इसकी बिक्री कर रहे विक्रेता इसे समृद्धि का प्रतीक मानते हैं. लोग इसे पूजा और स्वाद दोनों के लिए खरीदते हैं.

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Bhilwara News: रोशनी का पर्व दीपावली नज़दीक है, और लक्ष्मी पूजन की तैयारी ज़ोरों पर है. इस साल 21 अक्टूबर को मनाई जाने वाली दीपावली में पूजा की थालियों में एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण फल अपनी खास जगह बना रहा है, जिसे स्थानीय भाषा में लाल बोर (बेर) कहा जाता है. भीलवाड़ा के पुराने बाज़ार में लाल बोर बेचने वाले लोकल विक्रेता रामपाल ने लोकल 18 को बताया कि लाल बोर दीपावली के दिन लक्ष्मी माता की पूजा में सदियों से रखा जाता रहा है. रामपाल खुद पिछले 40 वर्षों से दीपावली के अवसर पर इस फल की बिक्री कर रहे हैं, जो इस परंपरा की गहराई को दर्शाता है.

आस्था का प्रतीक: उनका कहना है कि यह सबसे छोटा फल होने के बावजूद पूजा की थाली में विशेष स्थान रखता है.
मान्यता: धार्मिक मान्यता है कि लाल बोर को पूजा की थाली में शामिल करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती. इस छोटे से फल को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

पहाड़ी इलाकों और जंगली झाड़ियों से आता है फल
लाल बोर की एक और खास बात इसकी प्राकृतिक उपलब्धता है. यह फल किसी व्यावसायिक बागवानी से नहीं आता, बल्कि मुख्य रूप से जिले के ग्रामीण इलाकों, जंगली झाड़ियों और पहाड़ी क्षेत्रों से स्थानीय किसानों और संग्राहकों द्वारा लाया जाता है.

जंगली झाड़ियों में उगने वाला यह फल स्वाद में भी बेहतरीन होता है, जिसका कारण इसका पूरी तरह से प्राकृतिक और ऑर्गेनिक होना है. लोग इसे केवल पूजा के लिए ही नहीं, बल्कि अपने विशेष स्वाद और ताजगी के लिए भी खरीदकर खाते हैं.

बाजार में बढ़ी मांग: हर घर की जरूरतविक्रेता रामपाल ने बताया कि उन्हें इस साल दीपावली के अवसर पर बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ती दिख रही है. त्योहारी उत्साह और धार्मिक विश्वास के कारण इसकी बिक्री में तेज़ी आई है.

भीलवाड़ा के लगभग हर घर में लक्ष्मी पूजन की थाली में यह फल जरूर रखा जाएगा. यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों से इसकी बड़ी खेप बाजारों तक पहुंच रही है.

पूजा और स्वाद दोनों के लिए पसंदीदालाल बोर का महत्व केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके विशेष स्वाद के कारण भी यह लोगों का पसंदीदा है. दीपावली की खरीदारी के दौरान लोग इसे मिठाइयों और अन्य फलों के साथ शामिल करते हैं.

इस तरह, यह छोटा-सा लाल बोर भीलवाड़ा में दीपावली के त्योहार का एक अहम हिस्सा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है. इसकी उपस्थिति न केवल परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह दीपोत्सव को और भी खास बनाती है.

Location :

Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan

First Published :

October 18, 2025, 09:25 IST

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