चंबल गार्डन कोटा का पुनर्विकास

Last Updated:January 07, 2026, 07:59 IST
Chambal Garden Kota: कोटा के ऐतिहासिक चंबल गार्डन को 72 करोड़ रुपए की भारी लागत से पुनर्विकसित कर एक अत्याधुनिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देशों पर नगर निगम कोटा दक्षिण ने विशेषज्ञों के सहयोग से इस प्रोजेक्ट की विस्तृत डीपीआर तैयार कर ली है. इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत चंबल गार्डन के साथ-साथ गांधी उद्यान और ट्रैफिक पार्क का भी सामूहिक नवीनीकरण और आधुनिकीकरण किया जाएगा. जल्द ही प्रशासन इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू करने वाला है. इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य चंबल नदी के तट पर स्थित इस पूरे क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल, आधुनिक और विश्वस्तरीय मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे कोटा की पर्यटन क्षमता में जबरदस्त इजाफा हो सके.

कोटा शहर की पहचान रहे ऐतिहासिक और प्रसिद्ध चंबल गार्डन को अब पूरी तरह नए और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा. वर्षों से उपेक्षा और बदहाली झेल रहे इस उद्यान को फिर से कोटा की शान बनाने के लिए 72 करोड़ रुपए की भव्य पुनर्विकास योजना तैयार की गई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा विशेषज्ञों की सलाह से चंबल गार्डन के पुनर्विकास, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की विस्तृत डीपीआर तैयार की जा चुकी है. जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत चंबल गार्डन के साथ-साथ गांधी उद्यान और ट्रैफिक पार्क का भी सामूहिक रूप से विकास किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह है कि चंबल नदी के किनारे स्थित यह पूरा क्षेत्र एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो, जहां प्रकृति, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत संगम देखने को मिले.

पुनर्विकास योजना के तहत चंबल नदी के किनारे नए घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नदी के और करीब जाने का अवसर मिलेगा. गार्डन में अत्याधुनिक फाउंटेन और म्यूजिकल फाउंटेन जोन विकसित किया जाएगा, जो खासकर शाम और रात के समय लोगों को आकर्षित करेगा. इसके साथ ही एक फन एंटरटेनमेंट जोन भी बनाया जाएगा, जहां परिवार, बच्चे और युवा एक साथ मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे.

पुनर्विकास योजना के तहत चंबल नदी के किनारे नए घाटों का निर्माण किया जाएगा और लोगों के लिए विशेष आकर्षक स्थल बनाए जाएंगे. इस योजना में लक्ष्मण झूले को आधुनिक स्थापत्य शैली में नया रूप दिया जाएगा और इसके ऊपर एक ग्लास ब्रिज का निर्माण होगा, जिससे नीचे बहती नदी और गार्डन का अद्भुत दृश्य दिखाई देगा. यह नया ग्लास ब्रिज न केवल रोमांच का अनुभव देगा, बल्कि कोटा के एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में भी उभरेगा. साथ ही, नदी किनारे नए ओपन-एयर थिएटर और बैठने की व्यवस्था की जाएगी जिससे वहां सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. बच्चों और युवाओं के लिए लक्ष्मण झूला और उसके आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि परिवारिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिल सके.
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चंबल गार्डन का पुनर्विकास पर्यावरण के साथ-साथ कोटा की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को भी संरक्षित करेगा. गार्डन में मियावाकी फॉरेस्ट और गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस विकसित किए जाएंगे, जो जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाएंगे. आधुनिक लैंडस्केप डिजाइन, भव्य प्रवेश द्वार, राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ और कलात्मक मूर्तियों से गार्डन को एक नई पहचान मिलेगी. यह परियोजना कोटा में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में गार्डन की शान को पुनः स्थापित करेगी. वर्षों से उपेक्षित इस गार्डन को अब एक आधुनिक और सुरक्षित स्वरूप दिया जाएगा, जो कोटावासियों के लिए गौरव और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा.

नवीनीकरण योजना में फिटनेस और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है. गार्डन में 1.7 किलोमीटर लंबा सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक और 800 मीटर लंबा ट्रैक ट्रैफिक गार्डन की ओर बनाया जाएगा. नदी किनारे 400 लोगों की क्षमता वाला योग स्थल, ओपन जिम और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगहें विकसित की जाएंगी. यह सुविधा सभी उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध होगी. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप और सहज आवागमन के रास्ते बनाए जाएंगे. गार्डन में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), आधुनिक लाइटिंग और पर्यावरण के अनुकूल पौधों की रोपाई से यह स्थान हर दृष्टि से सुरक्षित और हरित बनेगा.
First Published :
January 07, 2026, 07:59 IST
homerajasthan
जिस बदलाव का कोटा को था इंतजार अब वही होने जा रहा है चंबल गार्डन में



