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गहलोत के मंत्रियों में तकरार, दर्द एक नहीं कई हैं, अब शुरू हुई डैमेज कंट्रोल की कवायद Rajasthan News-Jaipur News-Conflict between Gehlots ministers, damage control exercise started

सीएम गहलोत ने कल मीटिंग के बाद ही देर रात दोनों मंत्रियों से फोन पर बात कर मामले को तूल नहीं देने को कहा है.

सीएम गहलोत ने कल मीटिंग के बाद ही देर रात दोनों मंत्रियों से फोन पर बात कर मामले को तूल नहीं देने को कहा है.

Conflict between Gehlot’s ministers: मंत्रिपरिषद् की बैठक में मंत्रियों के बीच सामने आये मतभेद के बाद से कांग्रेस में सियासी हलचल तेज है. इस बीच सीएम अशाेक गहलोत ने बैठक की खबरें बाहर आने पर नाराजगी भी जाहिर की है.

जयपुर. गहलोत मंत्रिपरिषद् की बुधवार को हुई बैठक में खूब किचकिच हुई. गहलोत सरकार के मंत्री (Minister of Gehlot government) आपस में ही इस मीटिंग में भिड़ते रहे. इस दौरान उन्होंने ब्यूरोक्रेट्स की कार्यशैली को लेकर भी अपना गुबार भी निकाला. मंत्री शांति धारीवाल और गोविन्द सिंह डोटासरा (Shanti Dhariwal and Govind Singh Dotasara) में बात एक-दूसरे को देख लेने की धमकी तक पहुंच गई. धारीवाल और डोटासरा की लड़ाई अपने रुतबे को लेकर है. शांति धारीवाल सरकार में वरिष्ठ मंत्री है और गहलोत के बाद नम्बर दो के तौर पर उनका नाम लिया जाता है.

वहीं गोविन्द सिंह डोटासरा सरकार में राज्यमंत्री हैं लेकिन पीसीसी चीफ की कुर्सी मिलने के बाद पॉवरफुल हो गए हैं. बस विवाद यहीं से शुरु हुआ है. धारीवाल समेत सरकार के कई दिग्गज मंत्री डोटासरा को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पचा नहीं पा रहे हैं और खींचतान और असहयोग का सिलसिला जारी है. कल मंत्रिपरिषद् की बैठक में भी लम्बे समय से चली आ रही यही खींचतान गुबार के रूप में फूटी.

इस तरह हो रहा असहयोग

सरकार के कई मंत्री डोटासरा को संगठन में सहयोग नहीं कर रहे हैं और पार्टी के अभियानों और कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेते हैं. इसे लेकर मीडिया में सवाल उठते रहते हैं और पार्टी की किरकिरी भी होती है. बीते दिनों पार्टी ने सोशल मीडिया पर महंगाई के खिलाफ अभियान चलाया जिससे कई मंत्रियों और विधायकों ने दूरी बनाए रखी. इसे लेकर खबरें मीडिया की सुर्खियां बनीं. वहीं फ्री यूनिवर्सल वैक्सीनेशन को लेकर पार्टी ने कल स्पीक अप अभियान सोशल मीडिया पर चलाया था. देशव्यापी इस आह्वान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तक ने अपने पोस्ट किए लेकिन राज्य सरकार के करीब 8 मंत्रियों ने इससे दूरी बनाए रखी. जबकि सीएम गहलोत ने खुद अपने पोस्ट में सभी लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया था. वरिष्ठ मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे इस असहयोग को लेकर डोटासरा परेशान और नाराज हैं.अब डैमेज कंट्रोल की कवायद

कल मंत्रिपरिषद् की बैठक में हुई नोंकझोंक में डोटासरा ने कहा था कि कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर से तय किए जा रहे हैं. उन्होंने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी सर्कुलर भी बैठक में पढ़कर सुनाया. इसमें 4 जून को पीसीसी अध्यक्षों को राज्यपाल और डीसीसी अध्यक्षों को जिलाधीशों को ज्ञापन सौंपने को कहा गया है. इस ज्ञापन की बात पर ही दोनों के बीच विवाद हुआ था. उधर मामले को लेकर अब डैमेज कंट्रोल की कवायद भी शुरू हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीएम गहलोत ने कल मीटिंग के बाद ही देर रात दोनों मंत्रियों से फोन पर बात कर मामले को तूल नहीं देने को कहा है. बताया जा रहा है कि सीएम ने मीटिंग की बात बाहर उजागर होने पर भी नाराजगी जाहिर की है.

मीटिंग में खूब हुई किचकिच

मीटिंग में केवल मंत्री शांति धारीवाल और गोविन्द सिंह डोटासरा के बीच ही विवाद नहीं हुआ बल्कि मंत्री परसादीलाल मीणा और प्रताप सिंह खाचरियवास के बीच भी गतिरोध देखने को मिला. जयपुर में पिछले दिनों में जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के मामले में मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि इस मामले में भले दोषी कोई भी हो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि विधायक व्यवस्था का पार्ट होते हैं. विधायकों-सांसदों को कई बार लोगों को समझाने भीड़ में जाना पड़ता है और रफीक खान भी भीड़ को समझाने वहां गए थे. लिहाजा उन पर एफआईआर दर्ज करना गलत है. बैठक में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और अशोक चांदना ने कलेक्टरों की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई. खाचरियावास ने तो यहां तक कहा कि कोरोना काल में जयपुर कलेक्टर तो अपने चैंबर से बाहर ही नहीं निकले.





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