9 साल की कियाना का कमाल! कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, शतरंज की दुनिया में बजा भारत का डंका

Last Updated:November 19, 2025, 17:23 IST
Commonwealth Chess Championship 2025 : उदयपुर की 9 वर्षीय कियाना परिहार शतरंज की दुनिया में चमकता हुआ नया सितारा बन चुकी हैं. मासूम उम्र में गजब का हुनर दिखाते हुए उन्होंने मलेशिया में हुई कॉमनवेल्थ शतरंज चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया. 10 अंतरराष्ट्रीय पदकों वाली कियाना हर फॉर्मेट में दम दिखाकर देशभर के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.
उदयपुर : उदयपुर की 9 वर्षीय बालिका कियाना परिहार आज देश की उभरती हुई शतरंज स्टार ही नहीं, बल्कि हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा का उजाला बन चुकी है. छोटी सी उम्र, मासूम मुस्कान और दिमाग की तेज चाल… इन सबसे मिलकर बना है एक ऐसा व्यक्तित्व, जिसने विश्व के मंच पर भारत का तिरंगा बार-बार लहराया है. कियाना ने हाल ही में मलेशिया के कुआलालम्पुर में आयोजित कॉमनवेल्थ शतरंज चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया. अंडर-10 गर्ल्स ब्लिट्ज वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दुनिया भर के खिलाड़ियों को अपने हुनर से मात दी.
कियाना के इस स्वर्ण पदक ने उनके अंतरराष्ट्रीय पदकों की संख्या 10 कर दी है. इस छोटी सी उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड उनकी लगन, अनुशासन और असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है. उनके पिता जितेंद्र परिहार बताते हैं कि कियाना ने न सिर्फ ब्लिट्ज में गोल्ड बल्कि क्लासिकल प्रारूप में भी कांस्य पदक जीता, जो यह साबित करता है कि वह खेल के हर फॉर्मेट में मजबूत पकड़ रखती हैं.
कियाना ने रचा नया इतिहासकियाना की यह चमक यूं ही नहीं बनी. सालों की मेहनत, रोजाना की प्रैक्टिस, अनगिनत चुनौतियां और आत्मविश्वास ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां पहुंचने का सपना कई बच्चे देखते हैं. इससे पहले भी कियाना ने कजाखस्तान के अल्माटी में वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक और ग्रीस के रोड्स में आयोजित वर्ल्ड यूथ ब्लिट्ज़ में भी पदक जीतकर इतिहास रचा था. वह राजस्थान की पहली खिलाड़ी बनीं जिन्होंने विश्व प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की.
नन्हीं शतरंज स्टार की धाककियाना के खेल-करियर में अब तक 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक एशियाई चैंपियनशिप से जुड़े हैं. 2023 में यूएई के अल ऐन में एशियन यूथ चैंपियन बनना उनके जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुआ. उनके परिवार, कोच हेमंत थांकी और एमडीएस स्कूल ने उनके सपनों को उड़ान देने में अहम भूमिका निभाई है. साथ ही नीव सोसायटी और वंडर सीमेंट जैसे प्रायोजकों ने उनके सपनों को और मजबूती दी.
सपनों की चैंपियन: कियानाकियाना कहती हैं, मैं दुनिया की नंबर-1 शतरंज खिलाड़ी बनना चाहती हूं. मैं हर दिन उसी सपने को सच करने के लिए मेहनत करती हूं. उनकी यह बात साफ दिखाती है कि सपने उम्र नहीं देखते – सपने सिर्फ जुनून देखते हैं. कियाना की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि उन सभी बच्चों के लिए संदेश है जो किसी भी क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखते हैं. कियाना साबित करती हैं कि यदि लगन मजबूत हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का भरोसा साथ हो, तो नन्हीं उम्र भी बड़े चमत्कार कर सकती है.
Rupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
November 19, 2025, 17:23 IST
homerajasthan
9 साल की कियाना का धमाका! कॉमनवेल्थ गोल्ड से दुनिया में गूंजा भारत का डंका



