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गुमला में ‘सीख से सुरक्षा’ के संकल्प के साथ होगी नए साल की शुरुआत, चलेगा सड़क सुरक्षा अभियान

गुमला: झारखंड के गुमला जिले में नववर्ष 2026 की शुरुआत केवल उत्सव के साथ नहीं, बल्कि ‘जीवन रक्षा’ के संकल्प के साथ की जाएगी. सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026’ को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं.

इस अभियान का नेतृत्व उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित और जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल कर रहे हैं. इस वर्ष सड़क सुरक्षा अभियान की थीम ‘सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन’ रखी गई है. पूरे जनवरी माह में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जागरूकता और प्रवर्तन से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

1 जनवरी को लेकर विशेष सतर्कता की अपीलनए साल के पहले दिन पिकनिक और जश्न को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि जीवन अमूल्य है और एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है. जब कोई घर से बाहर निकलता है, तो शाम को उसके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कोई न कोई जरूर करता है.

ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंसप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति को वाहन की चाबी न देने की अपील की गई है. ‘गाड़ी दोस्त चला लेगा’ जैसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.

2030 तक सड़क दुर्घटना में मौतें 50% घटाने का लक्ष्यझारखंड सरकार और परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए. बताया गया कि अब तक गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 250 लोगों की जान जा चुकी है.

महीने भर चलेंगी जागरूकता गतिविधियांजन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता रथ, सड़क सुरक्षा चौपाल, स्कूल-कॉलेजों में यातायात नियमों की शिक्षा, प्रभात फेरी, विशेष चेकिंग अभियान और नियमों का पालन करने वालों को सम्मानित करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

अधिकारियों की अपीलउपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि सुरक्षित रहने के लिए नियमों की जानकारी के साथ-साथ हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है. वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि दुर्घटनाएं बिना चेतावनी के होती हैं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए किया जाना चाहिए. प्रशासन का संदेश साफ है सतर्कता, सुरक्षा और समझदारी ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है.

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