घर पर आलू के छिलकों से बनाएं जैविक लिक्विड खाद, पौधों की वृद्धि होगी तेज, जान लें तरीका

Last Updated:December 26, 2025, 07:14 IST
आजकल लोग घर, बालकनी और बगीचों में फल, फूल और सब्जियां उगाने का शौक तेजी से अपना रहे हैं. पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद की जरूरत होती है. घर में निकलने वाले आलू के छिलकों से आसानी से जैविक लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है. इसके लिए छिलकों को पानी में भिगोकर रखा जाता है, हिलाया जाता है और फिर पानी को छानकर पौधों की जड़ों और पत्तियों में डाला जाता है. यह खाद पौधों की वृद्धि, पत्तियों और फूलों के विकास में मदद करती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है.
आज के समय में लोग घर को हराभरा रखने के लिए गमलों, छत, बालकनी और बगीचे में फल, फूल और सब्जियां उगाने का शौक तेजी से अपना रहे हैं. पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद की जरूरत होती है, जिसे अधिकतर लोग बाजार से खरीदते है. लेकिन अब बागवानी के शौकीनों के लिए राहत की खबर है कि घर में निकलने वाले आलू के छिलकों से भी बिना किसी खर्च के. बेहतरीन खाद तैयार की जा सकती है.

किचन वेस्ट से बनी खाद न केवल सस्ती होती है, बल्कि पूरी तरह जैविक भी होती है. आमतौर पर आलू के छिलके फेंक दिए जाते हैं, लेकिन इनमें कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं. इन छिलकों से तैयार की गई लिक्विड खाद पौधों की जड़ों, पत्तियों और फूलों के विकास में मदद करती है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक खाद का उपयोग कम होता है. घर पर आसानी से तैयार की जा सकने वाली यह खाद पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होती है.

आलू के छिलकों की खाद बनाना बहुत आसान है. सबसे पहले रोजमर्रा में निकलने वाले आलू के छिलकों को इकट्ठा करें. फिर एक बर्तन में साफ पानी भरें और उसमें ये छिलके डाल दें. बर्तन को सीधी धूप से दूर, छांव वाली जगह पर रखें. कुछ दिनों तक छिलकों को पानी में भिगोकर रखा जाए, जिससे इसमें मौजूद पोषक तत्व धीरे-धीरे पानी में घुल जाएं. तैयार लिक्विड खाद को पौधों की जड़ों और पत्तियों में डालकर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे पौधों की वृद्धि और विकास बेहतर होता है.
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इस मिश्रण को तीन से चार दिन तक उसी स्थिति में रखा जाता है. इस दौरान हर चार घंटे के अंतराल में लकड़ी या किसी साफ डंडे से इसे अच्छी तरह हिलाना जरूरी होता है, ताकि आलू के छिलकों से सभी पोषक तत्व पानी में अच्छे से घुल जाएं. तय समय पूरा होने के बाद इस मिश्रण को छानकर पानी को अलग बर्तन में निकाल लिया जाता है. तैयार लिक्विड खाद पौधों की जड़ों और पत्तियों में डालकर उनका विकास और वृद्धि बेहतर बनाती है.

अब जो छना हुआ पानी मिलेगा, उसमें बराबर मात्रा में सादा पानी मिला दें. इससे पौधों के लिए एक शक्तिशाली लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार हो जाता है. इस खाद को देने से पहले पौधे की मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर लें, ताकि खाद अच्छी तरह जड़ों तक पहुँच सके. फिर तैयार लिक्विड खाद को जड़ों के पास धीरे-धीरे डालें. इस प्रक्रिया से पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, उनकी वृद्धि और पत्तियों व फूलों का विकास बेहतर होता है, साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है.

इस खाद का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें प्राकृतिक रूप से पोटैशियम पाया जाता है, जो पौधों की जड़ों और फूलों की वृद्धि में सहायक होता है. साथ ही इसमें मौजूद नाइट्रोजन पत्तियों की हरियाली बढ़ाने और तनों को मजबूत करने में मदद करता है. आलू के छिलकों की इस खाद में फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी मौजूद होते हैं, जो पौधों की समग्र वृद्धि और विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं. इसका नियमित इस्तेमाल पौधों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है.

फॉस्फोरस पौधों की जड़ों को मजबूत बनाता है और फल-फूल के विकास में सहायक होता है. मैग्नीशियम क्लोरोफिल निर्माण और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. कैल्शियम पौधों की कोशिकाओं को मजबूत कर उन्हें बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इस तरह आलू के छिलकों से बनी यह खाद पौधों की समग्र वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है. यह घरेलू बागवानी के लिए आसान, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल समाधान साबित हो रही है.
First Published :
December 26, 2025, 07:14 IST
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घर की रसोई से बनेगी पौधों की ताकत, आलू के छिलकों से ऐसे तैयार करें सस्ती खाद



