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Russian Oil : भारत की सरकारी कंपनी ने रूस से तेल खरीदना बंद किया, अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंधों का दिखा असर

Last Updated:October 30, 2025, 06:19 IST

Russian Oil Import : रूस की 2 सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत की सरकारी तेल कंपनी ने भी अपनी खरीद बंद कर दी है. यह पहली भारतीय कंपनी है, जिसने रूसी तेल नहीं खरीदने की बात कही है.

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Russian Oil : भारत की पहली सरकारी कंपनी ने रूस से तेल खरीदना बंद कियाभारतीय कंपनी ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है.

नई दिल्‍ली. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मंशा आखिरकार पूरी होती नजर आ रही है. पिछले दिनों रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब भारत की दो ऊर्जा कंपनियों ने भी रूस से तेल की खरीद बंद कर दी है. इसमें एक सरकारी तेल कंपनी भी शामिल है. इन दोनों कंपनियों का कहना है कि तेल खरीद बंद करने का फैसला हालिया प्रतिबंधों के साथ तालमेल बिठाने का प्रयास है. इससे पहले चीन की कई कंपनियों ने भी रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था.

भारतीय उद्योग क्षेत्र के मित्तल समूह और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के संयुक्त उद्यम एचएमईएल ने कहा कि उसने हालिया प्रतिबंधों के मद्देनजर रूस से कच्चे तेल की खरीद रोकने का फैसला किया है. एचएमईएल पहली भारतीय कंपनी है, जिसने रूस के बड़े तेल उत्पादकों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद आधिकारिक रूप से कहा कि वह रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगी.

रूस ने की थी परिवहन की व्‍यवस्‍थाएचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने बताया कि उसने अब तक रूस से तेल की खरीद आपूर्ति के आधार पर की है. इसका अर्थ है कि आपूर्तिकर्ता ने जल परिवहन की व्यवस्था की थी. ऐसी आपूर्ति के लिए भारतीय बंदरगाहों पर आने वाले सभी जहाज बिना किसी अनुमति के थे. अब कंपनी ने कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात पर नए प्रतिबंधों की घोषणा के बाद, एचएमईएल ने रूस से कच्चे तेल की आगे की खरीद को रोकने का फैसला किया है.

कंपनी का दावा-सरकारी नीतियों का पालनपंजाब के बठिंडा में एक तेल रिफाइनरी का स्वामित्व और संचालन करने वाली इस कंपनी ने कहा कि उसने हमेशा सरकारी नीतियों और नियमों का पूरी तरह पालन किया है. एचएमईएल की व्यावसायिक गतिविधियां भारत सरकार और उसकी ऊर्जा सुरक्षा नीति के अनुरूप हैं. इसका मतलब है कि कंपनी ने रूस से तेल खरीद रोकने का फैसला भी सरकारी नीतियों के तहत ही किया है और उसकी मंशा अगले आदेश तक तेल खरीद नहीं करने की है.

प्रतिबंधित जहाजों से मिली 4 खेपइससे पहले फाइनेंशियल टाइम्स ने खबर दी थी कि एचएमईएल को इस साल लगभग 28 करोड़ डॉलर की कम से कम चार कच्चे तेल की खेप प्रतिबंधित जहाजों से मिली. इस पर एचएमईएल ने कहा कि उसने रूस से तेल आपूर्ति के आधार पर खरीदा और जल परिवहन की व्यवस्था आपूर्तिकर्ता ने की थी. जाहिर है कि कंपनी ने अपना फायदा होने तक रूस से तेल की खरीद की थी, जबकि अब प्रतिबंध लगाए जाने के बाद खरीद को बंद कर दिया है.

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 30, 2025, 06:19 IST

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