Sabji Ke Bhav Today | Vegetable Prices Drop | Wholesale Vegetable Rates | Mandi Bhav Vegetables | Winter Vegetable Production | Sabji Mandi Rates | Farmers Produce Increase

Last Updated:December 29, 2025, 10:55 IST
Sabji Ke Bhav Today: पाले का असर नहीं पड़ने से इस बार सब्जियों की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. मौसम अनुकूल रहने के कारण खेतों में फसल सुरक्षित रही, जिससे मंडियों में आवक बढ़ गई. इसके चलते बीते पांच दिनों में सब्जियों के थोक दाम 10 से 30 रुपये प्रति किलो तक घट गए हैं. इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिली है, बल्कि बाजार में सब्जियों की उपलब्धता भी बेहतर हुई है.
सीकर. इस सीजन अधिक सर्दी नहीं पड़ने का असर बाजार और घर के बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ने लगा है. यानी, इस बार सर्दी में पाला नहीं पड़ने से दिसंबर महीने में इस बार सब्जियों की पैदावार 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई. इससे पहले पारा जमाव बिंदु के नीचे आते ही खुले खेतों में पत्तेदार व बेलदार सब्जियों की फसल नष्ट हो जाती है. इस साल पाला नहीं पड़ने से सीकर कृषि मंडी में रोज 200 टन से ज्यादा लोकल सब्जियों की आवक हो रही है.

पिछले साल इसी समय दिसंबर में करीब 8 दिन तक पारा जमाव बिंदु के नीचे रहा था. इससे पत्तेदार व बेलदार सब्जी नष्ट हो गई थीं. मंडी में दिसंबर अंत तक सब्जियों की लोकल आवक 150 टन के करीब आ गई थी. सब्जी कारोबारियों के अनुसार इस बार सभी तरह की सब्जियों की लोकल आवक हो रही है. ऐसे में थोक भावों में भी 10 से 30 रुपए प्रतिकिलो तक की गिरावट आ गई है.

नवंबर के अंतिम सप्ताह तक 15 से 20 रुपए प्रतिकलो तक बिकने वाली मूली 3 से 4 रुपए, 80 से 100 रुपए तक बिकने वाला धनिया व पालक 12 से 20 रुपए, 30 से 35 रुपए तक बिकने वाले खीरा के दाम 10 से 12 रुपए, 15 से 20 तक बिकने वाले आलु के थोक दाम 6 से 7 रुपए तक रह गए हैं. हालांकि थोक भावों में कमी का फायदा किसानों के बजाय खुदरा विक्रेताओं को ज्यादा मिल रहा है.
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मंडी में सब्जियों के थोक दाम 10 रुपए प्रतिकलो से कम है. जबकि खुदरा विक्रेता 3 रुपए किलो में खरीद की गई मूली भी 10 रुपए से कम भाव में नहीं बेच रहे है. ऐसे में खुदरा विक्रेता लंबे समय तक भाव कम होने के बावजूद खुदरा भाव नहीं घटाते है. ऐसी स्थिति में विक्रेता दो से तीन गुना तक ज्यादा भाव लेकर सब्जियां बेच रहे हैं.

कारोबारियों के अनुसार दिसंबर महीने में पाला पड़ने से मिर्च, टमाटर, टिंडा, खीरा, बैंगन, लौकी सहित कई सब्जियों की पैदावार कम हो जाती है. इस बाद मौसम अनुकूल रहा जिससे सब्जियों की फसलें खराब नहीं हुईं. इसके चलते मंडी में लोकल सब्जियों की आवक बजाय बड़ी है. फिलहाल प्याज को छोड़कर सभी सब्जियों के दाम घटे हैं. मंडी में लोकल प्याज के दाम में 7 से 8 रुपए प्रतिकिलो तक की बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा सभी तरह की सब्जियों के दामों में 10 से 30 रुपए किलो तक की गिरावट आई है.

मार्केट में सब्जियों के थोक व खुदरा भाव: सब्जी व्यापारियों के अनुसार, थोक मंडी में प्याज 10 से 15 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसके दाम 20 से 30 रुपये हैं. मिर्च थोक में 25 से 26 रुपये, लेकिन खुदरा में 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गई है. टमाटर (नासिक) का थोक भाव 45 से 50 रुपये है, वहीं खुदरा में 60 से 70 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. दूसरी ओर लोकल टमाटर थोक में 20 से 22 और खुदरा में 30 से 40 रुपये किलो मिल रहा है.

हरी सब्जियों में भी यही स्थिति है., खीरा थोक में 10 से 12 रुपये, खुदरा में 25 से 30 रुपये बिक रहा है. इसके अलावा मटर 20 से 25 रुपये थोक और 30 से 40 रुपये खुदरा में है,।, गाजर थोक में 6 से 12 रुपये तो खुदरा में 20 से 30 रुपये तक पहुंच गई है. मूली 3 से 4 रुपये थोक के मुकाबले 10 से 15 रुपये खुदरा में बिक रही है.

गोभी वर्ग की सब्जियों में फूल गोभी थोक 10 से 20 और खुदरा 30 से 40 रुपये, जबकि पत्ता गोभी थोक 10–12 और खुदरा 20–30 रुपये किलो है. मसालों में धनिया थोक 15 से 20 रुपये के बावजूद खुदरा में 40 से 60 रुपये तक बिक रहा है. इसके अलावा अदरक थोक में 35 से 40 रुपये और खुदरा में 80 से 100 रुपये, वहीं हल्दी थोक 30 से 35 और खुदरा 60 से 80 रुपये किलो दर्ज की गई.
First Published :
December 29, 2025, 10:55 IST
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पाला नहीं, पैदावार ज्यादा! 5 दिन में बदली बाजार की तस्वीरे, थोक दाम हुए सस्ते



