इतिहास रचने से चूके सात्विक-चिराग, सेमीफाइनल में हारकर वर्ल्ड टूर फाइनल्स से बाहर

नई दिल्ली. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का सफर समाप्त हो चुका है. सेमीफाइनल में इस भारतीय जोड़ी को चीनी जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा. हांगझोऊ में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में सात्विक और चिराग ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम आसानी से जीत लिया और वे इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनने की कोशिश कर रहे थे.
इसके बाद चीनी जोड़ी ने शानदार वापसी की. लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मैच में पकड़ मजबूत करते हुए 10-21, 21-17, 21-13 से मुकाबला जीत लिया और फाइनल में जगह बना ली. हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में भी चीनी जोड़ी का भारतीय जोड़ी पर पहले से ही दबदबा था. सात्विक और चिराग ने ग्रुप स्टेज में चीन की इसी जोड़ी को हराया था, लेकिन इस बार विरोधी जोड़ी ने अहम मौके पर मैच पलट दिया. इस भारतीय जोड़ी को ग्रुप स्टेज में कोई हार नहीं मिली थी, लेकिन शनिवार की हार के कारण वे इस बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली पुरुष जोड़ी नहीं बन पाए. हालांकि, वे सीजन के आखिरी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय पुरुष जोड़ी जरूर बन गए.
वर्ल्ड टूर फाइनल्स से बाहर हुए सात्विक-चिराग
ऐसा रहा मुकाबलाचीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग ने तेज शुरुआत की. उन्होंने शानदार शॉट्स खेलते हुए 2-0 की बढ़त बना ली और भारतीय जोड़ी से गलतियां करवाईं. दबाव बनाते हुए उन्होंने स्कोर 4-1 कर दिया. हालांकि, सात्विक-चिराग ने शानदार वापसी करते हुए माहौल बदल दिया. लगातार अंक जीतकर उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली. थोड़ी देर के लिए चीनी जोड़ी ने लय रोकी, लेकिन भारतीय जोड़ी ने खेल पर पकड़ बनाए रखी और ब्रेक तक 11-6 से आगे रही.
ब्रेक के बाद चीनी जोड़ी ने लगातार तीन अंक लेकर वापसी की कोशिश की, लेकिन सात्विक-चिराग ने दबदबा बनाए रखा और स्कोर 19-10 तक पहुंचा दिया. इसके बाद कुछ और गलतियों का फायदा उठाते हुए भारतीय जोड़ी ने सिर्फ 15 मिनट में पहला गेम अपने नाम कर लिया.
टक्कर का रहा दूसरा गेमदूसरा गेम बेहद कड़ा मुकाबला रहा. शुरुआत में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, लेकिन चीनी जोड़ी ने 7-3 की बढ़त बना ली. भारतीय जोड़ी ने फिर वापसी की और स्कोर बराबर कर दिया. इसके बाद लियांग और वांग ने फिर से बढ़त हासिल की और ब्रेक तक 11-9 से आगे रहे. ब्रेक के बाद सात्विक-चिराग ने एक बार फिर शानदार वापसी करते हुए स्कोर 11-11 कर दिया. लेकिन इस बार चीनी जोड़ी ने पहली गेम की गलतियों से सीख लेते हुए दोबारा बढ़त बना ली.
बरकरार रहा रोमांचमैच में उतार-चढ़ाव जारी रहा. भारतीय जोड़ी ने स्कोर 15-15 तक बराबर किया, लेकिन इसके बाद लियांग और वांग ने अहम अंक जीत लिए. सात्विक के जोरदार स्मैश से भारतीय जोड़ी ने थोड़ी उम्मीद जगाई, लेकिन उस समय चीनी जोड़ी के पास हर शॉट का जवाब था. आखिरकार उन्होंने दूसरा गेम 21-17 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया. तीसरे और आखिरी गेम में चीनी जोड़ी पूरी तरह हावी रही. उन्होंने 3-0 से शुरुआत की और लगातार बढ़त बनाते हुए ब्रेक तक 11-2 से आगे निकल गए. ब्रेक के बाद भी वही हाल रहा और उनकी बढ़त लगातार बढ़ती गई.
हालांकि, सात्विक-चिराग ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन चीनी जोड़ी की बढ़त बहुत ज्यादा थी. अंत में भारतीय जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा. वे साल का अंत बिना खिताब के कर पाए, जबकि वे हांगकांग ओपन और चाइना मास्टर्स के फाइनल तक जरूर पहुंचे थे.


