Rajasthan

Save Aravalli Campaign Live: अरावली बचाओ आंदोलन तेज, अलवर-दौसा-जयपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन

अलवर. राजस्थान की जीवनरेखा अरावली पर्वतमाला को बचाने की मुहिम तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा और केंद्र-राज्य सरकार के फैसलों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन चला रही है. इसी कड़ी में आज अलवर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च’ निकाला जाएगा. यह पैदल मार्च कटी घाटी से दोपहर 2 बजे शुरू होगा और मिनी सचिवालय तक जाएगा. मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं एआईसीसी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर पवन खेड़ा, विधायक रफीक खान सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे.

पैदल मार्च में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं, पर्यावरण प्रेमी और आमजन भी बड़े उत्साह से शामिल होंगे. सभी कंधे से कंधा मिलाकर अरावली संरक्षण का संदेश देंगे. मार्च मिनी सचिवालय पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा. ज्ञापन में अब तक चले आंदोलनों का विवरण, सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेशों और नवंबर 2025 की नई परिभाषा (100 मीटर ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही संरक्षित मानना) की तुलना, केंद्र सरकार के निर्देशों तथा राज्य सरकार के रुख को शामिल किया जाएगा.

अलवर: अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च

अलवर में आज अरावली पर्वतमाला संरक्षण और पर्यावरण रक्षा के संकल्प के साथ अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च निकाला जाएगा. जिला कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर यह मार्च कटी घाटी से दोपहर 2 बजे शुरू होकर मिनी सचिवालय तक पहुंचेगा. पैदल मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर पवन खेड़ा और विधायक रफीक खान शामिल होंगे. मिनी सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.

दौसा में अरावली बचाओ रैली

दौसा जिले में अरावली बचाओ रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हुए. नेहरू पार्क से गांधी तिराहे तक पैदल मार्च निकाला गया. रैली में दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा और पूर्व मंत्री परसादीलाल मीणा मौजूद रहे. प्रदर्शन के दौरान अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग उठाई गई. कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अगर अरावली की नई परिभाषा लागू हुई तो राजस्थान का पर्यावरण उजड़ जाएगा.

दौसा: डाक बंगले में हंगामा

दौसा में अरावली बचाओ रैली के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डाक बंगले में हंगामा किया. डाक बंगले का गेट बंद और ताला लगा मिलने पर कांग्रेसियों ने नाराजगी जताई. विधायक डीसी बेरवा स्वयं ताला खुलवाने पहुंचे. इसी दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गेट पर लात मारकर तोड़ने का प्रयास किया. हालात बिगड़ते देख पुलिस और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने समझाइश की, जिसके बाद कांग्रेसी डाक बंगले से बाहर निकल गए.

कांग्रेस का अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च आज

कांग्रेस का आरोप है कि नई परिभाषा से अरावली का 90% हिस्सा खनन और निर्माण के लिए खुल जाएगा, जिससे पर्यावरण, भूजल और उत्तर भारत की जलवायु सुरक्षा को गंभीर खतरा है. गौरतलब है कि सभी जिला मुख्यालयों पर पैदल मार्च का ऐलान किया है. अलवर में यह मार्च खनन प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को भी उजागर करेगा. ग्रामीणों का कहना है कि वैध-अवैध खनन से पहाड़ियां गायब हो रही हैं, घरों में दरारें पड़ रही हैं और पलायन बढ़ रहा है.

अरावली राजस्थान ही नहीं, पूरे उत्तर भारत के फेफड़े हैं

कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने कहा कि अरावली राजस्थान ही नहीं, पूरे उत्तर भारत के फेफड़े हैं. इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है. डोटासरा और जूली ने केंद्र पर खनन माफिया को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है. पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है. मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और अरावली संरक्षण की मांग को मजबूती देगा. वहीं प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और प्रमुख चौराहों पर लगातार गश्त कर रहे हैं.

आज का अरावली बचाओ जनचेतना पैदल मार्च न केवल अलवर बल्कि पूरे राजस्थान में अरावली संरक्षण और खनन विरोधी आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह जनजागृति प्रशासन और सरकार तक यह संदेश पहुंचाने में सक्षम है कि अरावली की सुरक्षा और ग्रामीण जीवन की रक्षा अब एक बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj