Sawan Bhado Kund Mount Abu Meerabai Tears Legend.

Last Updated:October 27, 2025, 11:22 IST
Mount Abu Kund: माउंट आबू के अचलगढ़ किले के पास स्थित सावन-भादो कुंड को लेकर मान्यता है कि यह कुंड मीराबाई के आंसुओं से बना था. मीराबाई ने यहां तपस्या की थी और आज भी उनकी झोपड़ी और कुंड भक्तों के लिए आस्था और पर्यटन का केंद्र हैं, जो श्रावण और भाद्रपद माह की बारिश पर निर्भर रहते हैं.
सिरोही (राजस्थान): भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त मानी जाने वाली मीराबाई का सिरोही जिले से गहरा नाता जुड़ा हुआ है. माउंट आबू के अचलगढ़ क्षेत्र में स्थित सावन-भादो कुंड को लेकर ऐसी मान्यता है कि यह कुंड स्वयं मीराबाई के आंसुओं से बना था. यह स्थान धार्मिक आस्था और इतिहास दोनों का अनूठा संगम है.
इतिहास के अनुसार, मेवाड़ के महाराणा कुंभा ने 1452 ईस्वी के आसपास अचलगढ़ किले का निर्माण करवाया था. इसी ऐतिहासिक काल में मीराबाई भी यहां आई थीं. उन्होंने किले के पास बनी एक छोटी कुटिया में तपस्या की थी, जो आज भी “मीराबाई की झोपड़ी” के नाम से जानी जाती है और भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है.
मीराबाई के आंसुओं से बना कुंडस्थानीय निवासी दिलीपभाई बताते हैं कि एक बार मीराबाई को पहाड़ी पर प्यास लगी, लेकिन पानी का कोई स्रोत नहीं था. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए अपनी आंखों से आंसू छलक पड़े. ऐसा कहा जाता है कि जहाँ उनके आंसू गिरे, वहीं से पानी फूट पड़ा और वह स्थान सावन-भादो कुंड के रूप में प्रसिद्ध हो गया. यह किंवदंती इस स्थान को एक आध्यात्मिक महत्व प्रदान करती है.
दो कुंड, एक ही तालाब मेंइस कुंड की एक और अनोखी बात यह है कि इसमें पानी की आवक केवल श्रावण और भाद्रपद (सावन और भादो) महीनों की वर्षा से होती है. पूरे वर्ष पानी बने रहने के कारण इसे सावन-भादो कुंड कहा गया. इस तालाब में बीच में दो भाग हैं — एक सावन कुंड और दूसरा भादो कुंड. गर्मियों में जब पानी का स्तर घटता है, तब ये दोनों कुंड अलग-अलग दिखाई देते हैं.
अचलगढ़ का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्वसावन-भादो कुंड के पास प्राचीन महाकाली मंदिर और अचलगढ़ किले के ऐतिहासिक अवशेष स्थित हैं. पर्यटक यहां तक पहुंचने के लिए करीब 250 सीढ़ियां चढ़ते हैं. लंबे समय से इस क्षेत्र के संरक्षण और विकास की मांग उठाई जा रही है, ताकि अधिक पर्यटक इस आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को नजदीक से देख सकें और इसके महत्व को जान सकें.
Location :
Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
October 27, 2025, 11:22 IST
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क्या सच में मीराबाई के आंसुओं से बना था ये कुंड? माउंट आबू की पहाड़ी…



