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प्याज की मंडियों में बढ़ी आवक, लेकिन दाम गिरने से किसानों के चेहरे उतरे! जानिए क्या है भाव?

Last Updated:October 29, 2025, 22:44 IST

Alwar News: अलवर और खैरथल मंडियों में प्याज की भारी आवक है, लेकिन बारिश से गुणवत्ता प्रभावित हुई. किसानों को लागत से कम दाम मिल रहे हैं, एमएसपी की मांग तेज हुई है.अलवर की लाल प्याज

अलवर जिले की प्याज मंडियों में इन दिनों रौनक लौट आई है. दिवाली के बाद से किसान बड़ी संख्या में अपनी प्याज की फसल लेकर अलवर और खैरथल मंडियों में पहुंच रहे हैं. खासतौर पर खैरथल की अस्थायी प्याज मंडी में एक बार फिर भारी आवक देखी जा रही है. किसान खेतों में मजदूर लगाकर समय पर प्याज की कटाई करवा रहे हैं ताकि मंडियों तक फसल पहुंचाई जा सके. मंडियों में बढ़ती भीड़ किसानों की मेहनत और उम्मीद दोनों को दर्शा रही है.

प्याज की मंडियों में बढ़ी आवक

इस वर्ष अलवर जिले में प्याज की खेती 16 हजार हेक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन उद्यान विभाग ने उम्मीद जताई है कि वास्तविक बुवाई लक्ष्य से अधिक हुई है. हालांकि, किसानों को इस बार मौसम की मार का सामना करना पड़ा है. समय पर बारिश न होने और फिर नमी अधिक रहने के कारण प्याज की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. प्याज का रंग फीका पड़ गया है और दाग-धब्बे बढ़ गए हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग कम हो गई है. व्यापारी भी इस प्याज को लंबी दूरी के बाजारों में भेजने से बच रहे हैं.

अलवर और खैरथल की मशहूर प्याज

खैरथल तिजारा जिले में इस बार 12 हजार हेक्टेयर में विभाग ने लक्ष्य रखा था, इससे ज्यादा प्याज की बुवाई किसानों ने की थी. अब खैरथल प्याज मंडी में प्याज की आवक लगातार बढ़ रही है. शुक्रवार को शुरू हुई प्याज मंडी में बुधवार तक करीब 33 हजार कट्टे प्याज की आवक दर्ज की गई है. मंडियों के खुलते ही किसानों की उम्मीदें बढ़ीं, लेकिन कीमतों में गिरावट ने उन पर पानी फेर दिया. इस समय प्याज की बोली तीन रुपए से लेकर 17 रुपए प्रति किलो तक लग रही है, जो लागत मूल्य से भी नीचे बताई जा रही है. किसानों का कहना है कि बारिश से नुकसान जरूर हुआ, लेकिन उपज उम्मीद से बेहतर निकली है, फिर भी दाम गिरने से मेहनत का सही मोल नहीं मिल पा रहा.

प्याज की मंडियों में बढ़ी आवक

किशनगढ़ बास, तिजारा और कोटकासिम क्षेत्रों में किसानों ने इस बार बड़े पैमाने पर प्याज की खेती की है. बढ़ती आवक और भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अनाज मंडी परिसर में ही प्याज की खरीद की व्यवस्था की है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. किसानों ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर प्याज खरीद की मांग की है, ताकि उन्हें लागत का उचित मूल्य मिल सके.

अलवर की लाल प्याज

खैरथल मंडी में अपनी प्याज बेचने आए किसान जाकिर हुसैन ने बताया कि अगर दाम इसी तरह नीचे रहे तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. वहीं, व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मांग बढ़ने पर दामों में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में मंदी का माहौल बना हुआ है. किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार या बाजार दोनों में से कोई एक उनकी मेहनत का उचित सम्मान करेगा.

First Published :

October 29, 2025, 22:44 IST

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प्याज की मंडियों में बढ़ी आवक, दाम गिरने से किसानों के चेहरे उतरे! जानें भाव

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