Rajasthan

भीनमाल में महिला साधु की शिव तपस्या ने सबको चौंकाया, कड़ाके की ठंड में बहते पानी में कर रहीं साधना!

Last Updated:January 07, 2026, 16:16 IST

Bhinmal Mahakaleshwar Mandir Story : भीनमाल के श्री महाकालेश्वर धाम में राधागिरि महाराज कड़ाके की सर्दी में 108 मटकों से जलधारा तपस्या कर रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था और प्रेरणा का केंद्र बनी है. महाकालेश्वर धाम के महंत नवीनगिरि महाराज के अनुसार यह धाम वर्षों से भक्ति, सेवा और साधना की परंपरा का केंद्र रहा है और उसी परंपरा के तहत राधागिरि महाराज यह जलधारा तपस्या कर रही हैं.

ख़बरें फटाफट

जालोर. भीनमाल से आस्था, तप और शिवभक्ति का एक अत्यंत दुर्लभ और प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है. कड़ाके की सर्दी, गिरते तापमान और कंपकंपाती ठंड के बीच एक महिला साधु भगवान शिव की कठोर उपासना में लीन हैं. भारत भूमि को सदियों से ऋषि मुनियों और तपस्वियों की तपोभूमि माना जाता रहा है, जहां साधक कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर साधना से पीछे नहीं हटते. इसी परंपरा को जीवंत कर रही हैं महिला साधु राधागिरि महाराज, जो भीनमाल शहर में क्षेमंकरी माता मंदिर के समीप स्थित श्री महाकालेश्वर धाम में जलधारा तपस्या कर रही हैं.

राधागिरि महाराज की यह तपस्या कड़ाके की सर्दी में विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है. हर दिन भोर होते ही सुबह 5 बजे ॐ नमः शिवाय के मंत्रोच्चार के साथ उनकी साधना प्रारंभ होती है. 108 ठंडे मटकों से लगातार शरीर पर गिरती जलधारा के बीच भी उनकी एकाग्रता और साधना अडिग बनी रहती है. ठंडे पानी की अविरल धार, दीप धूप और शिव मंत्रों के बीच महाकालेश्वर धाम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है.

श्रद्धालुओं की उमड़ती आस्थाइस अनूठी तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि कड़ाके की ठंड में भी जिस प्रकार महिला साधु पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ शिव आराधना में लीन हैं, वह आस्था की शक्ति को दर्शाता है. श्रद्धालु इस दृश्य को आध्यात्मिक प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं.

लोककल्याण और आत्मशुद्धि का संकल्पमहिला साधु राधागिरि महाराज ने बताया कि यह तपस्या केवल कुछ दिनों की नहीं, बल्कि पूरे एक महीने का संकल्प है. शिव कृपा से यह साधना अलग अलग चरणों में चल रही है. वर्तमान में जलधारा तपस्या का यह विशेष चरण 14 जनवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन 108 मटकों से जलधारा की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस तपस्या का उद्देश्य आत्मशुद्धि के साथ साथ लोककल्याण के लिए भगवान शिव की आराधना करना है.

महाकालेश्वर धाम की साधना परंपरामहाकालेश्वर धाम के महंत नवीनगिरि महाराज के अनुसार यह धाम वर्षों से भक्ति, सेवा और साधना की परंपरा का केंद्र रहा है और उसी परंपरा के तहत राधागिरि महाराज यह जलधारा तपस्या कर रही हैं. यह तपस्या 14 जनवरी तक चलेगी. कड़ाके की सर्दी के बीच इस अनूठी साधना को देखने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु महाकालेश्वर धाम पहुंच रहे हैं. ठंडे पानी की अविरल धार के बीच शिव भक्ति में लीन महिला साधु का यह दृश्य न केवल आस्था की शक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सच्ची श्रद्धा के आगे मौसम और परिस्थितियां भी सहायक बन जाती हैं.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Jalor,Rajasthan

First Published :

January 07, 2026, 16:16 IST

homerajasthan

महिला साधु की शिव तपस्या ने सबको चौंकाया, ठंड में बहते पानी में कर रहीं साधना!

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj