Sikar Devrani Jethani Mandir | Devrani Jethani Mandir Sikar | Rajasthan Mysterious Temples | Sikar Historical Places

Last Updated:November 25, 2025, 13:54 IST
Sikar Devrani Jethani Mandir: सीकर में स्थित देवरानी-जेठानी मंदिर अपनी अनोखी बनावट और रोचक कहानी के कारण लोगों के बीच खास पहचान रखता है. माना जाता है कि इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा और ऐतिहासिक महत्व इसे और भी आकर्षक बनाते हैं. यहां स्थानीय लोग और पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं और इसकी रहस्यमयी कहानी जानने में दिलचस्पी दिखाते हैं.
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले में देवरानी जेठानी का मंदिर मौजूद है. ये प्रसिद्ध मंदिर न केवल अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के लिए जाने जाते है, बल्कि इसके पीछे छिपी कहानी भी बहुत रोचक है. देवरानी जेठानी के दोनों मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है. इसके अलावा इनमें से एक मंदिर में तो 11 शिवलिंग भी स्थपित है, इस मंदिर को और भी अधिक खास बनाती है.
ये दिनों मंदिर एक दूसरे के आमने सामने होने के कारण इन्हें आमने सामने वाले मंदिर भी कहा जाता है. सीकर शहर के चांदपोल दरवाजे के पास ये मंदिर मौजूद है. ये दिनों मंदिर सैकड़ों साल पुराने है जिन्हें देश की आज़ादी से पहले बनवाया गया था. उनका निर्माण बयानी परिवार की दो बहुओं ने करवाया था, जो उस समय के सबसे धनवान परिवारों में से एक थे. ये दिनों मंदिर अपने आप में बेहद दुर्लभ शैली में बनाए गए हैं.
मंदिर से जुड़ी अनोखी कथाइन दिनों मंदिरों स्थानीय लोगों के बीच एक रोचक कथा प्रचलित है. कहा जाता है कि सैकड़ों साल पहले सीकर में दो देवरानी–जेठानी भगवान श्रीकृष्ण की अत्यंत भक्त थीं और प्रतिदिन मदनमोहन मंदिर में पूजा करने जाया करती थीं. एक दिन जेठानी मंदिर पहुंचीं और पूजा के दौरान मंदिर के पट बंद कर दिए. जब देवरानी पहुंचीं और अंदर आने की विनती की, तो जेठानी ने कहा कि यदि उसे पूजा करनी है तो अपना अलग मंदिर बनवा लो. इसके बाद सन् 1949 में देवरानी के लिए सामने ही एक नया मंदिर बनवाया गया, जिसे आज देवरानी मंदिर के नाम से जाना जाता है. इस श्रृद्धा और मान्यता ने इस स्थान को देवरानी–जेठानी मंदिर नाम दिया, जो आज दूर दराज के क्षेत्रों तक प्रसिद्ध है.
11 शिवलिंगों की अनूठी स्थापनादेवरानी जेठानी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां मंदिर परिसर में एक साथ 11 शिवलिंग स्थापित हैं, जो राजस्थान में अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं. शिव आराधना की गहरी परंपरा वाले इस क्षेत्र में इन शिवलिंगों का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है. श्रद्धालुओं का मानना है कि इन शिवलिंगों पर जल चढ़ाने से घर में शांति, सुख समृद्धि और स्थिरता का आगमन होता है.
इसके अलावा, मंदिर में एक विशेष हवन छत्र भी बना हुआ है, जहां समय समय पर हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. मंदिरों में स्थित श्रीकृष्ण की सुन्दर मूर्तियां और दीवारों पर बनी कलात्मक डिजाइनों की नक्काशी आज भी वैसी ही मोहक है जैसी दशकों पहले बनाई गई थीं. यह मंदिर श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र वर्षों पुराना यह मंदिर परिसर आज भी पहले जितना ही मजबूती और खूबसूरती के साथ खड़ा है. इन दिनों मंदिरों में राजस्थान की पारंपरिक निर्माण शैली और सांस्कृतिक धरोहर की छाप दिखती है.
Jagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
November 25, 2025, 13:54 IST
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सीकर घूमने जा रहे हैं? इस देवरानी–जेठानी मंदिर की रहस्यमयी कहानी मिस न करें



