Sikar Famous Market : सीकर की इस गली में पान से शुरू हुआ सफर, अब करोड़ों के कारोबार में बदला!

Last Updated:October 14, 2025, 13:44 IST
Sikar Famous Market : सीकर का चिरंजी पनवाड़ी बाजार सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि शहर की विरासत है. करीब 100 साल पुराना यह बाजार परंपरा, स्वाद और भरोसे का प्रतीक बन चुका है. यहां ज्वैलरी से लेकर मिठाइयों तक सबकुछ मिलता है, और इसकी रौनक आज भी सीकर की पहचान बनी हुई है.
सीकर : सीकर का चिरंजी पनवाड़ी बाजार शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बाजारों में से एक है. करीब 100 साल से यह बाजार समय के बदलावों का गवाह रहा है. राजा-महाराजाओं के दौर से लेकर आधुनिकता तक इस गली ने अनेक रूप देखे हैं. यह अब भरोसे का बाजार बन चुका है, जहां ग्राहकों को पारंपरिक स्वाद और आधुनिक सुविधाएं दोनों मिलती हैं.

इस बाजार का नाम चिरंजी नामक पनवाड़ी के नाम पर पड़ा, जिन्होंने करीब एक सदी पहले गली के कोने पर पान की दुकान खोली थी. वे निशुल्क पान खिलाने और पानी पिलाने के लिए प्रसिद्ध थे. उनकी दुकान फोड़े-फुंसी में काम आने वाली कागली और खास काढ़े के लिए भी मशहूर रही. यही सेवा भाव इस बाजार की पहचान बन गया.

यह बाजार लगभग 200 मीटर लंबा है और दोनों ओर करीब 100 दुकानें हैं. इनमें से 30 दुकानों पर अब भी मूल मालिक बैठते हैं, जबकि 60 से 70 दुकानों पर तीसरी पीढ़ी कारोबार संभाल रही है. सामान्य दिनों में यहां का कारोबार 25 लाख रुपये तक पहुंचता है, जबकि त्योहारी सीजन में यह आंकड़ा एक करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है.

चिरंजी पनवाड़ी गली मुख्य रूप से ज्वैलर्स और मिठाई की दुकानों के लिए जानी जाती है. यहां पारंपरिक सोने-चांदी के गहनों से लेकर प्रसिद्ध मिठाइयों तक सबकुछ मिलता है. यह बाजार सीकर के पुराने व्यापारिक ढांचे की आत्मा है, जिसने समय के साथ आधुनिक रूप को भी अपनाया है, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान को आज भी संजोए रखा है.

यह बाजार महिलाओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं. यहां सुबह से शाम तक लड़कियां और महिलाओं की भीड़ लगी रहती है. ज्वैलरी, आर्टिफिशियल एक्सेसरीज, बैग, कॉस्मेटिक्स और हैंडीक्राफ्ट जैसी वस्तुएं यहां की खासियत हैं. खरीदारी के बाद लोग पास के सुभाष चौक में चाट, पताशी, फलूवा और जूस का स्वाद भी चखते हैं.

हालांकि इस बाजार को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है. पार्किंग की कमी और टूटी सड़कों के कारण त्योहारी दिनों में जाम लग जाता है. सौंदर्यकरण और सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में भी प्रयास अधूरे हैं. सीसीटीवी कैमरों की कमी से सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोग उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इन समस्याओं पर ध्यान देगा.

चिरंजी पनवाड़ी गली सिर्फ खरीदारी का नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है. मंदिरों के आसपास बसे इस बाजार में धार्मिक आस्था और व्यापार का सुंदर मेल देखने को मिलता है. यह न सिर्फ स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है. हर वीकेंड यहां की रौनक देखते ही बनती है.
First Published :
October 14, 2025, 13:44 IST
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पान से शुरू हुआ सफर, आज करोड़ों का बाजार बनी सीकर की ऐतिहासिक गली



