Sikar Golden Temple | Golden Dome Temple Rajasthan | Silver Pillar Jain Mandir | Sikar Tourist Attraction

Last Updated:December 14, 2025, 19:42 IST
Sikar Golden Temple: सीकर का गोल्डन टेंपल अपनी अद्भुत कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है. इस जैन मंदिर में चांदी के भव्य पिलर और सोने से बना गुंबद श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इसकी शिल्पकला इतनी बारीक और शानदार है कि इसे सोनीजी की नसियां से भी बेहतर माना जाता है.
सीकर. राजस्थान के सीकर शहर में सुभाष चौक और बावड़ी गेट के बीच एक ऐसा खूबसूरत जैन मंदिर है जो 250 साल से भी ज्यादा पुराना है. यह मंदिर न केवल अपनी प्राचीनता के लिए बल्कि सोने की कारीगरी के लिए भी प्रसिद्ध है. सैकड़ों सालों के बाद भी यह मंदिर आज भी बिल्कुल नए जैसा साफ-सुथरा है. इसे देखने पर लगता है इसे कुछ दशकों पहले ही बनाया गया है. इस जैन मंदिरसे जुड़े लोगों के अनुसार, यह मंदिर राजस्थान की मशहूर कारीगरी और धार्मिक भावना का बेहतरीन नमूना है. इस मंदिर की बनावट को देखने के लिए पर्यटक भी यहां आते हैं.
इस अनोखे मंदिर के अंदर मुख्य स्थान पर भगवान शांतिनाथ जी की मूर्ति है. इस मंदिर के तीन दरवाजे हैं और हैरानी की बात यह है कि इन दरवाजों के खंभे शुद्ध चांदी के बने हुए हैं. यह देखकर लगता है कि उस जमाने के लोगों ने कितनी मेहनत और श्रद्धा से इस मंदिर को बनाया होगा. चांदी के इन चमकते खंभों के बीच शांतिनाथ जी की मूर्ति सुंदर और भव्य नजर आती है. खास बात ये है कि इस मन्दिर के गुंबद में सोने की नक्काशी की गई है. जब ऊपर गुंबद की तरफ देखते हैं, गुंबद पर की गई यह सोने की बारीक नक्काशी आसनी से दिखाई देती है. सैकड़ों साल पहले राजस्थान के कारीगरों ने यह सोने की खूबसूरत कारीगरी की थी. रात के समय जब मंदिर में लाइट से रोशनी होती है तब मंदिर का पूरा गुंबद सोने की चमक से जगमगा उठता है.
काले संगमरमर की मूर्तिमुख्य मंदिर के बाईं तरफ भगवान पार्श्वनाथ जी का अलग मंदिर है. इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां स्थापित मूर्ति लगभग 350 साल पुरानी है और इसे काले संगमरमर के पत्थर को तराशकर बनाया गया है. पत्थर को इतनी बारीकी से काटा गया है कि मूर्ति में जान सी लगती है. यह मूरत मध्यकालीन राजस्थान में मूर्तिकला के उच्च स्तर और धार्मिक भावनाओं को दर्शाती है. इसके अलावा दाईं तरफ भगवान महावीर स्वामी जी का मंदिर है. यहां स्थापित मूर्ति भी बहुत प्राचीन मानी जाती है. स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मूर्ति का वजन बहुत ज्यादा है. मंदिर के सभी दरवाजे मजबूत पीतल के बने हुए हैं, जो सैकड़ों साल बाद भी मजबूती से खड़े हैं.
250 वर्ष पुराना शिलालेखसीकर के इस जैन मंदिर के बाहरी हिस्से में एक शिलालेख लगा हुआ है, जो बताता है कि यह मंदिर 250 साल पहले बना था.यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि राजस्थान की कला, संस्कृति और इतिहास का एक जीवंत हिस्सा है. सीकर में इस अनोखे मंदिर को सोने वाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. साल में कई बार इस मंदिर में जैन समाज के कई कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
December 14, 2025, 19:42 IST
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चांदी के पिलर और सोने का गुंबद, सीकर का गोल्डन टेंपल देख लोग रह जाते हैं दंग



