Rajasthan

सीकर रानोली ग्रामीणों ने खुद बनाई सड़क

Last Updated:January 10, 2026, 12:19 IST

Sikar News: सीकर के रानोली कस्बे में ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार छोड़ खुद के खर्च पर 1 किमी लंबी सड़क का निर्माण शुरू किया है. सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र शास्त्री की अगुवाई में ग्रामीण 1 करोड़ रुपये के काम को आपसी सहयोग से मात्र 12 लाख रुपये में पूरा कर रहे हैं. इस सड़क से श्मशान. कब्रिस्तान. गौशाला और मंदिरों तक पहुँच सुगम होगी. इससे पहले गांव के लोग अपने स्तर पर रोड लाइट भी लगवा चुके हैं. सड़क के किनारे पक्षियों के लिए 12 चबूतरे और एक कबूतरखाना भी बनाया गया है. यह पहल ग्रामीण विकास और सांप्रदायिक सौहार्द की बड़ी मिसाल बनकर उभरी है.

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Sikar News: अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बिना सरकारी मदद के भी बड़े बदलाव संभव हैं. सीकर जिले के रानोली कस्बे के ग्रामीणों ने इस बात को सच कर दिखाया है. लंबे समय तक सरकारी फाइलों में सड़क निर्माण की फाइल दबी रहने के बाद. अब ग्रामीणों ने खुद के स्तर पर एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का बीड़ा उठाया है. सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल से न केवल जनता को सुविधा मिलेगी. बल्कि सरकार का करीब एक करोड़ रुपये का बजट भी बचेगा.

स्थानीय निवासी रतन कुमार जैन के अनुसार. यह सड़क रानोली की मुख्य आबादी को गौशाला. श्मशान घाट. कब्रिस्तान. टीला धाम और भैरूजी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों से जोड़ती है. यदि यही सड़क सरकारी विभाग द्वारा बनाई जाती. तो इस पर करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आता. लेकिन ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से इसे केवल 10 से 12 लाख रुपये में पूरा करने का लक्ष्य रखा है. सड़क निर्माण के साथ-साथ पक्षियों के लिए 12 बड़े चबूतरे भी बनाए जा रहे हैं. ताकि बेजुबानों को दाना चुगने में आसानी हो.

8 साल पहले लिया था संकल्प

इस प्रेरणादायक कार्य के पीछे एक दर्दनाक अतीत भी छिपा है. स्थानीय निवासी संजय जैन ने बताया कि करीब आठ साल पहले इस मार्ग की हालत इतनी जर्जर थी कि शव यात्रा निकालना भी दूभर था. बारिश के दिनों में गहरे गड्ढों में पानी भर जाता था. उसी समय ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे अपनी श्रद्धा और अंतिम विदाई के मार्ग को खुद सुरक्षित बनाएंगे. इसी संकल्प के तहत पहले पूरे मार्ग पर रोड लाइटें लगवाई गईं और अब पक्की सड़क का निर्माण किया जा रहा है.

कचरे से किया कंचन का निर्माण

इस निर्माण कार्य की खास बात यह है कि इसमें ‘वेस्ट मैनेजमेंट’ का शानदार उदाहरण पेश किया गया है. अटल पथ निर्माण के दौरान निकले सीसी रोड के टुकड़ों को अक्सर नदी में फेंक दिया जाता था. जिससे पर्यावरण को खतरा था. राजेंद्र शास्त्री ने सीकर से विशेष मशीन मंगवाकर इन टुकड़ों को छोटे ब्लॉकों में तुड़वाया और इन्हें ही सड़क की नींव में उपयोग किया. इससे निर्माण लागत काफी कम हो गई.

सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश

यह सड़क केवल पत्थर और सीमेंट का निर्माण नहीं है. बल्कि यह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक भी है. इस मार्ग का उपयोग हिंदू समाज अपनी शव यात्राओं के लिए करता है. तो वहीं मुस्लिम वर्ग की होलिया यात्रा और कब्रिस्तान जाने का रास्ता भी यही है. ग्रामीणों के अनुसार. सड़क निर्माण पूरा होने के बाद गौशाला के पास एक सुंदर पार्क भी विकसित किया जाएगा. जहाँ गांव के बुजुर्ग और बच्चे सुबह-शाम शुद्ध हवा का आनंद ले सकेंगे.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

Location :

Sikar,Sikar,Rajasthan

First Published :

January 10, 2026, 12:19 IST

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Sikar News: फाइलों में दबी सड़क, जमीन पर उतरी एकता, रानोली ने रचा इतिहास

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