सीकर का ब्लड हीरो! 30 बार रक्तदान, दर्जनों जिंदगियां बचाईं, मिथ्स को किया चकनाचूर

Last Updated:December 19, 2025, 18:48 IST
Sikar News Hindi : सीकर के राजेश कुमार ने रक्तदान को सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का मिशन बना लिया है. 19 साल की उम्र से शुरू हुई उनकी यह यात्रा 45 की उम्र तक जारी है. अब तक 30 बार रक्तदान कर चुके राजेश ने अपने खून से दर्जनों जिंदगियों को नई उम्मीद दी है.
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सीकर : कहते हैं कि आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी व्यक्ति की जिंदगी बचा सकता है. सीकर निवासी राजेश कुमार ने अपने रक्त से दर्जनों लोगों का जीवन बचा चुके हैं. इन्होंने रक्त दान महादान की संस्कृति को चरितार्थ किया है. राजेश कुमार ने अब तक 30 बार रक्तदान किया है और इसके प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं. राजेश कुमार का कहना है कि लोगों में अक्सर यह भ्रांति होती है कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आ जाती है या बीमार होने का खतरा रहता है. लेकिन उनका अपना अनुभव इसके बिल्कुल विपरीत है. उन्होंने 19 साल की उम्र से यह रक्तदान करने का काम शुरू किया और आज 45 वर्ष तक लगातार यह काम जारी है.
राजेश कुमार ने अपने रक्तदान की शुरुआत एक इमरजेंसी कंडिशन से की थी. जब वे कॉलेज स्टूडेंट थे, तब उन्होंने एक मरीज को खून दिया. उस मरीज के परिजनों द्वारा किए गए आभार ने उनके मन में इस कार्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता जगा दी. तब से लेकर आज तक, वे जब भी खून देकर जान बचाने की बात होती है वे बेसिक पीड़ित को अपना रक्त देते हैं. वे बताते हैं कि यह एक ऐसी सामाजिक जिम्मेदारी है, जहां आपका दिया खून किसी की जिंदगी बचा सकता है. उनका मानना है कि यह सेल्फलेस सर्विस का सर्वोत्तम रूप है.
रक्तदान से मिलती है नई एनर्जीस्वास्थ्य के पहलू पर बात करते हुए राजेश जी स्पष्ट करते हैं कि रक्तदान से उन्हें कभी कोई कमजोरी या हेल्थ प्रॉब्लम नहीं हुई. बल्कि, उनके अनुसार हर बार दान के बाद शरीर में एक अजीब सी ताजगी और पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है. वे कहते हैं ये कि यह शरीर की एक नैचुरल प्रक्रिया है, जो नया खून बनाने में सक्षम है. मेडिकल साइंस भी यह मानती है कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना सेहत के लिए हानिकारक नहीं, बल्कि फायदेमंद हो सकता है.
समाज के युवाओं को संदेशराजेश कुमार का संदेश बहुत स्पष्ट है, वे कहते हैं कि रक्त यानी ब्लड, भगवान का दिया एक तोहफा है, जिसे हम इंसान दूसरों की मदद के लिए डोनेट कर सकते हैं. समाज की भलाई के लिए यह सबसे बड़ा योगदान यानी कॉन्ट्रिब्यूशन है. उनकी यह पूरी जर्नी दूसरों के लिए एक मोटिवेशन है और यह साबित करती है कि एक छोटा सा कदम किसी की जान बचा सकता है. उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अच्छे काम से जुड़ना चाहिए और गलतफहमियां (मिथ्स) दूर करके लाइफ-सेविंग गिफ्ट यानी जीवनदान देने में हिस्सा लेना चाहिए.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Sikar,Rajasthan
First Published :
December 19, 2025, 18:48 IST
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सीकर के राजेश कुमार ने 30 बार रक्तदान कर मिथकों को किया दूर.



