सीकर के मुकुल को लखनऊ ने 2.60 करोड़ में खरीदा, 4 साल से ग्रेजुएशन के पेपर नहीं दिए, यहां पढ़िए उनकी पूरी कहानी

Last Updated:December 19, 2025, 16:10 IST
IPL Auction : सीकर के होनहार क्रिकेटर मुकुल चौधरी ने मेहनत, जुनून और जज्बे के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया है. आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2.60 करोड़ में खरीदा. गांव से निकलकर आईपीएल तक पहुंचे मुकुल की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है.
सीकर : मन में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो तमाम मुश्किलों को मात देकर इतिहास रचा जा सकता है. इस कहावत को सीकर के होनहार क्रिकेटर मुकुल चौधरी ने सच कर दिखाया है. अबू धाबी में हुई आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने मुकुल पर 2 करोड़ 60 लाख रुपये की बड़ी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. पहली बार आईपीएल नीलामी में उतरे मुकुल की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे सीकर और झुंझुनूं क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है.

मुकुल चौधरी ने जिला क्रिकेट से लेकर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया. अंडर-23 क्रिकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बेहतरीन खेल के दम पर उन्होंने आईपीएल नीलामी तक का सफर तय किया. जैसे ही उनके चयन की खबर सामने आई, परिवार की आंखें खुशी से भर आईं. मुकुल चौधरी पर क्रिकेट का भूत इतना सवार था कि पिछले चार साल से उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के पेपर नहीं दिए.

मुकुल ने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग सीकर की भैरूंपुरा स्थित एसबीएस क्रिकेट अकादमी से ली थी. अकादमी के निदेशक विजेन्द्र पचार ने बताया कि मुकुल महज 14 वर्ष की उम्र में अकादमी से जुड़े थे. शुरू से ही वह मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा. कोचिंग के दौरान उनकी प्रतिभा साफ झलकती थी. आज उनका आईपीएल तक पहुंचना अकादमी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी.
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मुकुल चौधरी का क्रिकेट करियर निरंतर ऊंचाइयों की ओर बढ़ता रहा. उन्होंने राजस्थान अंडर-14 और अंडर-17 टीम की कप्तानी की, इसके बाद अंडर-23 टीम के कप्तान बने और रणजी टीम में भी अपनी जगह बनाई. अंडर-23 स्तर पर छह पारियों में दो शतक और चार अर्धशतक लगाकर उन्होंने नंबर-1 बल्लेबाज का खिताब हासिल किया था. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली और मुंबई जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उन्होंने 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए.

साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुकुल झुंझुनूं जिले के गुढ़ा गौड़जी क्षेत्र की खेदड़ों की ढाणी के निवासी हैं. उनके पिता दिलीप चौधरी होटल व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि माता सुनीता देवी इतिहास की शिक्षिका हैं. परिवार चाहता था कि मुकुल सरकारी सेवा या सेना में जाएं, लेकिन पिता ने बेटे के क्रिकेट के जुनून को पहचाना और अपने सपनों को त्याग कर उसे आगे बढ़ने का मौका दिया. यही त्याग आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बना.

आईपीएल चयन पर मुकुल चौधरी ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा पल है. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गांव से निकलकर आईपीएल जैसे बड़े मंच तक पहुंच पाएंगे. उन्होंने अपने माता-पिता, कोच और एसबीएस अकादमी का आभार जताया. मुकुल ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, उनका असली सपना देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना है. उनकी यह सोच उनके आत्मविश्वास और बड़े लक्ष्य को दर्शाती है.
First Published :
December 19, 2025, 16:10 IST
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मुकुल चौधरी 2.6 करोड़ में लखनऊ सुपर जायंट्स आईपीएल 2026 में शामिल



