राजस्थान में SIR सर्वे ने पकड़ी रफ्तार, 2.18 करोड़ लोगों तक पहुंच चुके हैं बीएलओ, जानिए अपने जिले का स्टेटस

सीकर. राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत के बाद से अब तक बीएलओ 2 करोड़ 18 लाख से अधिक लोगों का सर्वे कर चुके हैं. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 40 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, रविवार को छठवें दिन की समाप्ति तक राजस्थान में के बाड़मेर एवं चित्तौड़गढ़ जिले में सबसे अधिक एसआइआर सर्वे हुआ है. इन जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, ऐसे में ये दोनों जिले इस सर्वे में आगे हैं. इसके अलावा जोधपुर, हनुमानगढ़, बीकानेर और सिरोही में इस सर्वे का काम 35 प्रतिशत से कम है.
कम वितरण वाले जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सर्वे में गति लाने के सख्त दिशा निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि यह एक समयबद्ध कार्यक्रम है, जिसमें किसी भी तरह की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जानकारी के अनुसार, इस सर्वे में राजस्थान की सभी विधानसभा क्षेत्रों में वैर में 66.5 प्रतिशत मतदाताओं का एसआइआर सर्वे किया जा चुका है, जो सबसे अधिक है. जबकि श्री श्रीगंगानगर विधानसभा केवल 25 प्रतिशत यह कार्य हो पाया है.
खुद ऑनलाइन भर सकते हैं प्रपत्र
एसआईआर सर्वे प्रपत्र को ऑनलाइन माध्यम के जरिए कहीं से भी पूरा किया जा सकता है. इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलेक्ट्रोल लिटरेसी क्लब यानी ईएलसी के जरिए यह सूचना सभी युवाओं तक पहुंचाई जाए. आयोग ने मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने के लिए ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करने की भी सुविधा दी है. एसआईआर के इस ऑनलाइन सर्वे में मतदाता केवल खुद अपने लिए ही ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकता है. इसके लिए मतदाता सूची 2025 और आधार कार्ड का उपयोग करने वाले ई-हस्ताक्षर उपकरण पर मतदाता का नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए. इस प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए मतदाता का मोबाइल नंबर, मतदाता पहचान पत्र से लिंक होना जरूरी है. अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा करने वाले मतदाता को बीएलओ द्वारा दिया जाने वाला फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है.
मैपिंग में राजस्थान सबसे आगे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि एसआईआर सर्वे से संबंधित मैपिंग में राजस्थान पूरे देश में सबसे आगे है. मैपिंग के इस कार्य में 75 प्रतिशत से अधिक की मैपिंग के साथ बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, नागौर, दौसा, फलोदी जिले सबसे आगे है. इसके अलावा जयपुर, कोटा, जोधपुर, श्रीगंगानगर एवं अजमेर सबसे पीछे है. अधिकारी के अनुसार, मैपिंग से राज्य के वे सभी मतदाता जिनका मिलान देश के किसी भी राज्य के एसआईआर की मतदाता सूची के साथ हो जाता है तो उन्हें इस संपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं रहेगी.



