छोटी उम्र, बड़ी उड़ान…जयपुर की पायल ने तीरंदाजी में राजस्थान को गर्व दिलाया, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने का सपना!

Last Updated:November 22, 2025, 18:29 IST
जयपुर की झोटवाड़ा निवासी पायल कुमावत ने तीरंदाजी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राजस्थान की सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. उन्होंने स्थानीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दर्जनों पदक जीते हैं और हाल ही में नीमराना में आयोजित राजस्थान सीनियर राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर सबको चौंका दिया. पायल रोजाना 6 से 8 घंटे अभ्यास करती हैं और उनका सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतें.

कहते हैं कि अगर किसी इंसान में कुछ कर गुजरने की चाहत हो, तो वह कुछ भी कर सकता है. अपनी मेहनत और लगन से वह हर मुकाम हासिल कर सकता है. कुछ ऐसा ही पायल कुमावत ने किया है, पायल ने तीरंदाजी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राजस्थान की सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. अब पायल राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगी, मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के बावजूद पायल ने अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है.

पायल मूल रूप से जयपुर के झोटवाड़ा की रहने वाली हैं, उन्होंने अब तक स्थानीय स्तर और तीरंदाजी के स्टेट टूर्नामेंट्स में भी दर्जनों मेडल हासिल किए हैं. तीरंदाजी में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते पायल ने राज्य स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत की है. उन्होंने जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज में आयोजित सीनियर तीरंदाजी ट्रायल्स में गज़ब की एकाग्रता और तकनीक का प्रदर्शन किया. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने अपनी निशानेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया.

तीरंदाजी ट्रायल्स में पायल ने अच्छा प्रदर्शन कर राजस्थान की सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की की है. अब पायल 10 दिसंबर को हैदराबाद में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी. इस उपलब्धि पर पायल का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है, उन्होंने बताया कि उनकी तैयारी लगातार जारी है और वे राष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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पायल की सफलता ने पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना दिया है, स्थानीय खेल प्रेमियों, परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इन उपलब्धियों ने युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति गंभीर होने और मेहनत करने की प्रेरणा दी है. पायल के पिता का कहना है कि उन्होंने कभी पायल को तीरंदाजी करने से नहीं रोका, उल्टा उनका उत्साह बढ़ाया है. “मेरी बेटी बेटों से कम नहीं है, और यह साबित कर दिया है. छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी सफलता पाना हमारे लिए गर्व की बात है,” उन्होंने कहा.

आपको बता दें कि हाल ही में पायल ने अलवर जिले के नीमराना में आयोजित राजस्थान सीनियर राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीता था. पायल कुमावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर सबको चौंका दिया. यह प्रतियोगिता राजस्थान तीरंदाजी संघ के तत्वावधान में आयोजित की गई थी. इसी जीत के बाद वे लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मेहनत कर रही हैं.

पायल ने बताया कि वह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. वह रोजाना 6 से 8 घंटे तीरंदाजी का अभ्यास करती हैं। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल लाएँ। पायल कुमावत के पिता ने बताया कि पायल ने तीरंदाजी को अपना जीवन बना लिया है. वह सारा दिन तीरंदाजी और गोल्ड मेडल की बातें करती हैं और पढ़ाई की तुलना में खेल को प्राथमिकता देती हैं.
First Published :
November 22, 2025, 18:29 IST
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पायल कुमावत राजस्थान सीनियर तीरंदाजी टीम में शामिल, पढ़िए पूरी खबर



