जामसर स्टेशन पर हुआ कुछ ऐसा, लोगों ने चालू कर लिया मोबाइल का कैमरा, कई टीमें मौके पर मौजूद!

Last Updated:October 30, 2025, 16:18 IST
Bikaner News: जामसर स्टेशन यार्ड में रेलवे की मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया. रूपेश कुमार, प्रवीण कुमार सहित अधिकारी मौजूद रहे. अभ्यास सफल रहा.
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बीकानेर. जामसर स्टेशन यार्ड सोमवार को किसी बड़ी रेल दुर्घटना के दृश्य जैसा नजर आ रहा था, लेकिन यह हकीकत नहीं बल्कि रेलवे की मॉक ड्रिल थी. इस संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने हिस्सा लिया. ड्रिल का उद्देश्य यह परखना था कि किसी वास्तविक रेल हादसे की स्थिति में सभी विभाग कितनी तेजी और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य कर सकते हैं. रेलवे अधिकारियों, आपदा प्रबंधन दलों और मेडिकल टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की जांच इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य रही.
ड्रिल के दौरान जामसर स्टेशन यार्ड में गाड़ी संख्या 19720 के दो कोचों के डिरेल होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई. जैसे ही स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी. इसके बाद सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (SPART) और दुर्घटना राहत गाड़ी (ART) को मौके के लिए रवाना किया गया. सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं. सभी एजेंसियों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया और समन्वय के साथ काम किया.काल्पनिक घायलों को दिया गया प्राथमिक उपचार
मॉक ड्रिल के दौरान मौजूद दलों ने लगभग 30 काल्पनिक घायलों को कोचों से सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया. रेलवे अस्पताल लालगढ़ और राजकीय अस्पताल बीकानेर को अलर्ट पर रखा गया. अग्निशमन विभाग, स्काउट-गाइड और सिविल पुलिस बल ने भी सक्रिय सहयोग दिया. अभ्यास के दौरान यह परखा गया कि आपात स्थिति में घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता और राहत कैसे मिल सके.
अधिकारियों ने की मॉनिटरिंग, ड्रिल रही सफलअभ्यास के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक रूपेश कुमार, एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडर प्रवीण कुमार, एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर बीरबल सिंह, सिविल इंस्पेक्टर रवि कुमार और सर्किल ऑफिसर नरेंद्र पुनिया मौजूद रहे. अधिकारियों ने मौके पर राहत कार्यों की निगरानी की और सभी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की. रेलवे के निर्धारित मापदंडों के अनुसार मॉक ड्रिल को सफल घोषित किया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के दौरान मानवीय हानि को कम करना और सभी टीमों को हमेशा तैयार रखना है. पूरा अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और एजेंसियों की तत्परता को संतोषजनक पाया गया.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
October 30, 2025, 16:18 IST
homerajasthan
जामसर स्टेशन पर हुआ कुछ ऐसा, लोगों ने चालू कर लिया मोबाइल का कैमरा, कई टीमें..



