कभी बेचे चिप्स, कभी बना वेटर, 44 साल की उम्र में किया डेब्यू, सुपरस्टार बाप-बेटे की जोड़ी पर भी भारी पड़ा एक्टर

Last Updated:December 02, 2025, 05:46 IST
बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले एक्टर बोमन ईरानी ने अपने सफल करियर से साबित कर दिखाया कि मेहनत और लगन से किसी भी उम्र में कामयाबी हासिल की जा सकती है. आज 2 दिसंबप को अपना जन्मदिन मना रहे बोमन ईरानी इस बात की मिसाल हैं कि सपनों को सच करने की कोई उम्र नहीं होती है.

बॉलीवुड के सबसे उम्दा और मंझे हुए कलाकारों में शामिल बोमन ईरानी ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले तरह-तरह के कामों में हाथ आजमाया था. पारसी परिवार में जन्में एक्टर को विरासत में उनके पिता की दुकान या उसे बेकरी कह लीजिए मिली थी जहां वो चिप्स और फाफड़े बेचा करते थे.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

अभिनय में आने से पहले बोमन ने अपने परिवार की मदद के लिए मां की बेकरी संभाली. ये अनुभव उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा रहा, जिसने उन्हें जमीनी हकीकतों से जोड़े रखा. बोमन ईरानी जब छोटे थेतब उनके पिता का निधन हो गया और उनकी मां ने अकेले परिवार का पालन-पोषण किया. (फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

बोमन बचपन से ही थोड़े अलग थे. उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था. वे डिसलेक्सिया से जूझ रहे थे. बचपन में लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाते थे. लेकिन, उनकी मां ने हार नहीं मानी और बोमन को स्पीच थेरेपी के लिए भेजा.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)
Add as Preferred Source on Google

धीरे-धीरे बोमन ने अपनी मुश्किलों पर काबू पाया और पढ़ाई पूरी की. उन्होंने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया और मुंबई के फेमस ताज होटल में काम किया. इस दौरान उन्होंने लोगों से पेशेवर तरीके से पेश आना और धैर्य रखने की कला सीखी.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

ऐसे में उन्होंने मां का हाथ बंटाने के लिए और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए अपने पिता की बेकरी का जिम्मा संभाला. बोमन ईरानी कई बार अपने इंटरव्यू में बता चुके हैं कि वो ताज में बतौर वेटर काम करते थे. परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए कभी उन्होंने ताज में वेटर बन काम किया तो कभी बेकरी चलाई, लेकिन कभी हार नहीं बानी.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

जैसे-जैसे बोमन ईरानी के दिन बदलने लगे. उन्होंने अपने पैशन का पीछा करना शुरू कर दिया. एक्टर को बचपन से ही फोटोग्राफी का बड़ा शौक था. बोमन ईरानी फिल्मों की दुनिया में कदम रखने से पहले एक जाने-माने फोटोग्राफर थे.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

फोटोग्राफी जगत में थोड़ा-बहुत नाम कमाने के बात बोमन ने फिल्मी पर्दे पर कदम रखा. बोमन ने साल 2001 में इंग्लिश फिल्मों ‘एव्रिबडी शेज़ आई एम फाइन’ और ‘लेट्स टॉक’ में काम किया, लेकिन उन्हें असली पहचान साल 2003 में आई फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ से मिली. एक्टर ने 44 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म की थी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में डॉक्टर अस्थाना के किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. वो फिल्म में संजय दत्त और उनके पिता सुनील दत्त पर भी भारी पड़े थे. अपने इस नए नवेले स्टारडम के बारे में बात करते हुए बोमन ईरानी ने कहा था कि उन्हें अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं हो रहा था कि थिएटर्स खचा-खच भरे हुए थे.(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)

उसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, जैसे ‘3 इडियट्स’, ‘हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘दोस्ताना’, ‘युवराज’, ‘तीन पत्ती’, ‘हम तुम और घोस्ट’, ‘हाउसफुल’, ‘हाउसफुल 2’ और ‘संजू’. आज वो इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन एक्टर्स की सूची में शामिल हैं. बोमन ईरान के बेटे ने स्टूडेंड ऑफ द ईयर से एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन वो फिल्मों में कुछ खास चल नहीं पाए .(फोटो साभार इंस्टाग्राम boman_irani)
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
December 02, 2025, 05:46 IST
homeentertainment
कभी बेचे चिप्स, कभी बना वेटर, 44 साल की उम्र में किया डेब्यू, आज है सुपरस्टार



