Famous Temple: कोटा के ये 5 मंदिर हैं बेहद खास, कहीं खड़े गणेश तो कहीं एक साथ हैं 525 शिवलिंग

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कोटा घूमने आएं तो इन 5 मंदिरों में जरूर करें दर्शन, हर मंदिर की अपनी खास पहचान
Last Updated:August 09, 2026, 08:43 IST
Kota Famous Temple: कोटा में धार्मिक पर्यटन की अपनी अलग पहचान है. शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु विशेष अवसरों पर दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. खड़े गणेश जी मंदिर में भगवान गणेश की अनोखी खड़ी प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. नीलकंठ महादेव मंदिर सावन और महाशिवरात्रि में विशेष रूप से भक्तों से गुलजार रहता है. इस्कॉन मंदिर को नंदग्राम धाम के नाम से भी जाना जाता है, जहां श्रीकृष्ण और राधारानी की भक्ति में भक्त आरती, भजन और कीर्तन में शामिल होते हैं. शिवपुरी धाम में एक ही स्थान पर 525 शिवलिंग स्थापित हैं, जहां सावन में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं. चंबल नदी किनारे स्थित गोदावरी धाम हनुमान भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष पूजा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन होता है.
कोटा का खड़े गणेश जी मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. यहां भगवान गणेश की प्रतिमा खड़े स्वरूप में विराजमान है, जिसे मंदिर की सबसे खास विशेषता माना जाता है. मान्यता है कि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. बुधवार और गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही रहती है. दूर-दराज से आने वाले लोग भी भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
कोटा और हाड़ौती क्षेत्र में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान नीलकंठ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
कोटा का इस्कॉन मंदिर, जिसे अब नंदग्राम धाम के नाम से भी जाना जाता है. भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की भक्ति का प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर मुकुंदरा विहार क्षेत्र में स्थित है. यहां रोजाना आरती, कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन और श्रीमद्भगवद्गीता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं. यहां होने वाले भजन-कीर्तन के दौरान भक्त कृष्ण भक्ति में लीन नजर आते हैं. जन्माष्टमी सहित वैष्णव परंपरा के प्रमुख त्योहारों पर मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं. मंदिर में सुबह मंगला आरती से लेकर शाम की संध्या आरती तक विभिन्न धार्मिक आयोजन भी होते हैं.
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शिवपुरी धाम स्थित 525 शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. यहां एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में शिवलिंग स्थापित होने के कारण यह धार्मिक स्थल अपनी अनोखी पहचान रखता है. सावन के महीने में यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्त शिवलिंगों पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं.
गोदावरी धाम चंबल नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. यह मंदिर हनुमान जी की आराधना के लिए जाना जाता है और शहर के प्रमुख केंद्रों में शामिल है. मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. चंबल नदी के नजदीकी होने से प्राकृतिक दृश्य श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं. यहां हनुमान जी के बालाजी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है. सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आता है. मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना होती है .
First Published :
August 09, 2026, 08:43 IST



