बीकानेर में ऊंटों का ब्यूटी पार्लर! फर कटिंग से सज रहे ‘रेगिस्तान के जहाज’, कला बनी पर्यटकों का आकर्षण

बीकानेर. अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव को लेकर बीकानेर में इन दिनों खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. उत्सव में अब करीब चार दिन का समय शेष है और इसके साथ ही ऊंटों के “ब्यूटी पार्लर” पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं. यहां ऊंटों की फर कटिंग कर उन्हें आकर्षक और कलात्मक रूप दिया जा रहा है. पारंपरिक कला, धैर्य और कौशल का यह अनोखा संगम पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनता है. बीकानेर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंटपालक इन दिनों अपने ऊंटों को उत्सव के लिए सजा-संवार रहे हैं. ऊंटों के शरीर पर फर कटिंग के माध्यम से विभिन्न आकृतियां बनाई जा रही हैं, जो न केवल देखने में सुंदर होती हैं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को भी दर्शाती हैं.
यह काम किसी ब्यूटी पार्लर से कम नहीं है, जहां ऊंटों की संपूर्ण सजावट की जाती है. ऊंटपालक हरिराम ने बताया कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से ऊंटों पर फर कटिंग का कार्य कर रहे हैं. यह उनके लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि एक परंपरागत कला है. हरिराम के अनुसार, ऊंट उत्सव को ध्यान में रखते हुए वे लगभग एक माह पहले ही कटिंग का काम शुरू कर देते हैं, जो उत्सव से ठीक पहले तक चलता है. रोजाना करीब छह घंटे मेहनत कर वे ऊंटों के फर को इस तरह काटते हैं कि उस पर सुंदर और स्पष्ट आकृतियां उभरकर सामने आएं.
ऊंट के शरीर पर उकेरे जाते हैं आकर्षक डिजाइन
फर कटिंग के जरिए ऊंटों की गर्दन, शरीर और कूबड़ पर अलग-अलग डिज़ाइन बनाए जा रहे हैं. कहीं “रोबीला” और “राजस्थान” जैसे शब्द उकेरे गए हैं, तो कहीं पारंपरिक प्रतीकों के साथ पणिहारी, हाथी, घोड़ा, बेल, खरगोश, हिरण, चूहा, बाज, तोता, शेर, गाय और मोर जैसी आकृतियां बनाई गई हैं. ये सभी डिज़ाइन राजस्थान की संस्कृति, पशु-पक्षियों और लोकजीवन की झलक पेश करती हैं. सिर्फ फर कटिंग ही नहीं, बल्कि ऊंटों के सिर और कूबड़ पर बालों को काले रंग से रंगकर उन्हें और आकर्षक रूप दिया जा रहा है. इससे ऊंटों की बनावट और निखरकर सामने आती है. इसके साथ ही ऊंट की पूंछ को भी खास तरीके से काटकर डिज़ाइन किया जाता है, ताकि सजावट पूरी तरह संतुलित और प्रभावशाली लगे.
अनूठी है ऊंटो की फर कटिंग की कला
ऊंटपालकों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में ऊंटों की सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखा जाता है. कटिंग के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अनुभव और सावधानी बेहद जरूरी होती है. यही कारण है कि यह काम केवल अनुभवी कारीगर ही कर पाते हैं. अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इन सजे-धजे ऊंटों को देखकर बेहद प्रभावित होते हैं. ऊंटों का यह ब्यूटी पार्लर हर साल उत्सव की शान बढ़ाता है और बीकानेर की पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करता है. फर कटिंग की यह अनूठी कला न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि ऊंटपालकों की मेहनत और परंपरा को भी जीवित रखे हुए है.



