विद्यालय या मौत का फंदा? टूटी दीवार के बीच पढ़ने को मजबूर छात्र, लापरवाह अफसर बेखबर

Last Updated:April 17, 2025, 13:25 IST
दौसा जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ का कुआं गीजगढ़ में एक जर्जर कमरे के कारण छात्र और शिक्षक हमेशा हादसे के डर में रहते हैं. कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है.X

विद्यालय के कमरे में आई दरार
पुष्पेंद्र मीना/ दौसा- सरकार जहां एक ओर सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, वहीं दौसा जिले का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ का कुआं गीजगढ़ ऐसी भयावह स्थिति से गुजर रहा है, जहां बच्चे और शिक्षक हमेशा एक संभावित हादसे के डर में जी रहे हैं.
जर्जर दीवारें और टूटता कमरा बना खतरे की घंटीविद्यालय में मुख्य प्रवेश द्वार के पास बना एक पुराना कमरा अब जर्जर हालत में पहुंच चुका है. दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं, एक कोना तो पूरी तरह टूट चुका है. यह कमरा विद्यालय परिसर का हिस्सा होने के कारण बच्चों और शिक्षकों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है.
खेल भी डर के साए में, रास्ता भी असुरक्षितविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि वे स्कूल आते-जाते समय और खेलते हुए हमेशा डर में रहते हैं कि कहीं ये कमरा उनके ऊपर न गिर जाए. डर इस बात का भी है कि स्कूल से बाहर जाने का रास्ता भी उसी क्षतिग्रस्त कमरे के पास से होकर जाता है.
कई बार की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाईविद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस खतरनाक कमरे की स्थिति के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है, यहां तक कि फाइल बनाकर भी भेजी गई है. लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न तो उन्हें कमरे के पास जाने दिया जाता है और न ही खुलकर खेलने दिया जाता है.
कब जागेंगे अधिकारी?विद्यालय के इस डरावने माहौल को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि शिक्षा विभाग तुरंत संज्ञान ले और इस कमरे की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था जल्द से जल्द करें. वरना कोई अनहोनी घटना कभी भी घट सकती है.
Location :
Dausa,Rajasthan
First Published :
April 17, 2025, 13:25 IST
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