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Last Updated:December 19, 2025, 13:43 IST
Success Story: भीलवाड़ा की बेटी अंजलि कच्छावा ने राजस्थान को पहला गोल्ड मेडल दिलाकर राज्य का नाम रोशन किया है. किसान परिवार की इस बेटी ने अपनी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उसकी उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. यह सफलता दिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी सपने पूरे किए जा सकते हैं.
भीलवाड़ा: भीलवाड़ा की बेटी अंजलि कच्छावा ने अहमदाबाद में आयोजित सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान को गोल्ड मेडल दिलाया है. अंजलि ने फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र की इंटरनेशनल पहलवान स्वाति शिंदे को कड़े संघर्ष में पराजित कर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया हैं. अंजलि की इस जीत के साथ ही सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में राजस्थान को महिला वर्ग में पहला गोल्ड मेडल मिला है.
भीलवाड़ा के श्रीरामदल व्यायामशाला की पहलवान अंजलि कच्छावा ने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत भीलवाड़ा का नाम रोशन किया है. अंजलि कच्छावा राजस्थान की पहली महिला पहलवान बनी जिसने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया है. एक किसान परिवार से आने वाली अंजली ने कुश्ती में दाव पेज अपना कुश्ती के क्षेत्र में अपना नाम कमा रही है.
अंजलि कच्छावा बचपन से ही कुश्ती कर रही हैंअंजलि कच्छावा ने बताया कि वह बचपन से ही कुश्ती कर रही हैं. यह उनका सीनियर नेशनल में पहला गोल्ड मेडल है. इससे पहले वह सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं. अंजलि ने कहा मेरी फाइट महाराष्ट्र की इंटरनेशनल पहलवान स्वाति शिंदे से हुई थीं. यह मुकाबला बहुत कठिन था. मैं अपनी इस सफलता का श्रेय रामदल अखाड़ा परिवार और अपने माता-पिता को देना चाहती हूं. खेल जगत में यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में यह राजस्थान का महिला वर्ग में पहला गोल्ड मेडल है.
इससे पहले किसी भी महिला पहलवान ने सीनियर स्तर पर राजस्थान के लिए स्वर्ण पदक नहीं जीता था. अंजलि ने बताया कि अब मेरा टारगेट है कि मैं आने वाले दिनों में इंटरनेशनल और बाद में ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर भारत देश का नाम रोशन करूं.
सरकारी पार्क में की कुश्ती की शुरुआतकोच अविनाश प्रजापत ने बताया कि अहमदाबाद में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर की शीर्ष महिला पहलवानों ने भाग लिया. फाइनल मुकाबले में अंजलि और स्वाति शिंदे के बीच काफी रोमांचक और कशमकश भरा मुकाबला देखने को मिला. स्कोर कई बार ऊपर-नीचे हुआ, लेकिन अंतिम क्षणों में अंजलि ने धैर्य और दमखम दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया. उनकी शुरुआती प्रैक्टिस सरकारी पार्क में हुई थी. वे करीब 10 साल से नियमित रूप से पहलवानी कर रही हैं. कोच के अनुसार-अंजलि को कभी नींद से उठाना नहीं पड़ता. वह खुद सुबह जल्दी उठ जाती है और 4 घंटे सुबह व 4 घंटे शाम नियमित अभ्यास करती है.
हमारी इच्छा है कि वह इंटरनेशनल और ओलिंपिक स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीते हैं. गोल्ड मेडल जीतकर भीलवाड़ा लौटने पर रेलवे स्टेशन पर अंजलि का भव्य स्वागत किया गया. ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया.
About the AuthorJagriti Dubey
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें
Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
December 19, 2025, 13:43 IST
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किसान की बेटी अंजलि कच्छावा के नाम राजस्थान का पहला गोल्ड मेडल



