Success Story: किसान के बेटे का कमाल! फेडरेशन कप में रचा इतिहास, गोल्ड पर जामाया कब्जा, जानें क्या है लक्ष्य

Last Updated:January 04, 2026, 06:10 IST
Vikas Yadav success Story: कालवाड़ धानकिया निवासी विकास यादव ने किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का नाम रोशन किया है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित नवी सीनियर नेशनल फेडरेशन कप वूशू प्रतियोगिता में 90+ किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने लगातार दूसरे साल नया कीर्तिमान रचा है. रोजाना 40 किलोमीटर दूर अभ्यास और 10 घंटे की मेहनत ने विकास को इस मुकाम तक पहुंचाया है.
कहते हैं कि अगर इंसान में कुछ कर गुजरने की चाह हो तो वह हर चुनौती को पार कर सकता है. कालवाड़ धानकिया निवासी विकास यादव ने इस कहावत को सच कर दिखाया है. किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विकास यादव ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर शानदार सफलता हासिल की है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित नवी सीनियर नेशनल फेडरेशन कप वूशू प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर राजस्थान का नाम रोशन किया है. विकास की इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

विकास यादव ने 90+ किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान को गोल्ड मेडल दिलाया है. राजस्थान की ओर से चयनित विकास यादव ने नवी सीनियर नेशनल फेडरेशन कप वूशू प्रतियोगिता में एक के बाद एक मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की. उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हरियाणा को 1-0 से हराया. सेमीफाइनल में महाराष्ट्र को 1-0 से शिकस्त दी. वहीं फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर को 2-0 से पराजित कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उनके इस प्रदर्शन से प्रदेश में खुशी की लहर है.

खास बात यह रही कि विकास यादव ने लगातार दूसरे साल फेडरेशन कप में गोल्ड मेडल जीतकर राजस्थान में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन छिपा है. विकास यादव रोजाना अपने घर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौगान स्टेडियम अभ्यास के लिए जाया करते थे. वहां उन्हें भारतीय वूशू टीम के कोच राजेश कुमार टेलर के सानिध्य में प्रशिक्षण मिला. कठिन परिश्रम और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के दम पर विकास ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई और प्रदेश का गौरव बढ़ाया.
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कड़ी मेहनत, अनुशासन और कोच के सटीक मार्गदर्शन ने विकास यादव को राष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता दिलाई है. विकास ने बताया कि उनका लक्ष्य राजस्थान और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करना है और इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रहे हैं. अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय उन्होंने अपने गुरु कोच राजेश कुमार टेलर, माता-पिता और अपने बड़े भाई को दिया. विकास ने कहा कि परिवार और कोच का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है.

विकास यादव की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है. हर कोई उसकी मेहनत और सफलता की सराहना कर रहा है. कोच राजेश कुमार टेलर ने बताया कि राजस्थान का यह होनहार खिलाड़ी आने वाले समय में एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेगा. कोच ने कहा कि विकास इसके लिए रोजाना ग्राउंड पर घंटों तक कड़ा अभ्यास करता है और पसीना बहाकर अपने सपनों को आकार दे रहा है.

विकास यादव ने बताया कि उनका सबसे बड़ा सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है. उन्होंने कहा कि वे पढ़ाई से ज्यादा खेल को प्राथमिकता देते हैं और इसी लक्ष्य के लिए रोजाना 10 घंटे से अधिक अभ्यास करते हैं. विकास के पिता ने बताया कि उनका बेटा बेहद मेहनती है और अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तरह समर्पित है. वह लगातार खुद को बेहतर बनाने में जुटा रहता है. परिवार भी विकास के सपने को साकार करने के लिए हर कदम पर उसका पूरा साथ दे रहा है.
First Published :
January 04, 2026, 06:10 IST
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किसान के बेटे का कमाल! फेडरेशन कप में रचा इतिहास, गोल्ड पर जामाया कब्जा



