200 करोड़ की रंगदारी केस में 217 करोड़ चुकाने की पेशकश, कॉल सेंटर के कर्मचारी रहे सुकेश चंद्रशेखर के पास इतने पैसे आए कहां से?

तिहाड़ जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर एक बार फिर चर्चा में है. सुकेश ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के समक्ष एक आवेदन दाखिल किया है, जिसमें उसने 200 करोड़ रुपये के एक्सटॉर्शन केस में शिकायतकर्ता अदिति सिंह को 217 करोड़ रुपये चुकाने की पेशकश की है. हालांकि, उसने यह रकम ‘बिना किसी अपराध को स्वीकार किए और अपने कानूनी अधिकार सुरक्षित रखते हुए’ देने की बात कही है.
ऐसे में सवाल उठता है कि जेल में बंद सुकेश के पास इतनी बड़ी रकम आई कहां से? सुकेश ‘सुपर कॉनमैन’ के नाम से मशहूर हैं. उस पर कई करोड़ों के घोटालों और एक्सटॉर्शन के आरोप हैं. उसकी कमाई का स्रोत ठगी, धोखाधड़ी और जेल से चलाए जा रहे रैकेट हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और दिल्ली पुलिस की जांच से सामने आया है कि सुकेश ने इन तमाम तरीकों से अरबों रुपये कमाए हैं. आइए, विस्तार से समझते हैं सुकेश की काली कमाई की कहानी.
सुकेश ने कैसे शुरू किया ठगी का धंधा?
सुकेश चंद्रशेखर मूल रूप से कर्नाटक का रहने वाला है, लेकिन दिल्ली और चेन्नई में अपने काले कारनामे अंजाम देता रहा है. वह एक सीरियल ठग है, जिस पर 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. उसकी शुरुआत 2007 से हुई, जब उसने पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा, सुप्रीम कोर्ट जज और पीएमओ अधिकारी बनकर ठगी की. ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि सुकेश ने अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये ऐंठे थे. अदिति सिंह जेल में बंद रैनबैक्सी फॉर्मा के पूर्व मालिक की पत्नी हैं. सुकेश ने स्पूफिंग टेक्निक से खुद को केंद्रीय गृह सचिव बताकर फोन किया और उनके पति की रिहाई का झांसा देकर पैसे ऐंठे. यह रैकेट अप्रैल 2021 तक चला, जब लॉकडाउन लगा था.
कैसे बनाई इतनी संपत्ति?
सुकेश की कमाई का मुख्य स्रोत एक्सटॉर्शन है. वह हाई-प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाता था. उसकी ठगी की शुरुआत 17 साल की उम्र से हुई. वह बेंगलुरु में एक कॉल सेंटर में काम करता था, लेकिन जल्दी ही ठगी में कूद पड़ा. 2007 में वह पहली बार गिरफ्तार हुआ, जब उसने एक रियल एस्टेट कंपनी से 1.1 करोड़ ठगे. उसने पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा बनकर पैसे ऐंठे. इसके बाद चेन्नई में फिल्म प्रोडक्शन में घुसा और ठगी की.
वर्ष 2017 में तमिलनाडु पुलिस ने उसे AIADMK के चुनाव चिह्न ‘टू लीव्स’ को फ्रीज करने का झांसा देकर 1.1 करोड़ ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार किया. सुकेश की पत्नी लीना पॉल (लीना मारिया पॉल) भी इस ठगी में साथी है. वह बॉलीवुड एक्ट्रेस रह चुकी है और कई केस में आरोपी है. ईडी ने अप्रैल 2023 में सुकेश और लीना के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 200 करोड़ की ठगी का जिक्र है. लीना ने दिल्ली हाईकोर्ट में बेल मांगी, लेकिन मामला चल रहा है.
सुकेश की संपत्ति का अनुमान करोड़ों में है. ईडी ने दिल्ली, चेन्नई और बैंगलुरु में उसके कई फ्लैट, कारें और बैंक खाते जब्त किए. वह जेल से भी ठगी चला रहा था.
सुकेश की ठगी की लिस्ट…
2015: बैंगलुरु में रियल एस्टेट फ्रॉड से 19 करोड़ ठगे.
2017: AIADMK चुनाव चिन्ह फ्रीज करने का झांसा.
2021: अदिति सिंह से 200 करोड़ एक्सटॉर्शन.
सुकेश की कमाई का स्रोत ठगी से आए पैसे हैं, जिसे वह लग्जरी लाइफ और संपत्तियां में लगाता था. ईडी की जांच में पाया गया कि वह पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग से सफेद करता था. लीना के साथ मिलकर वह फिल्म प्रोडक्शन और रियल एस्टेट में निवेश करता. जेल से भी वे पैसे ऐंठते रहे, जो उनकी चालाकी दिखाता है.
कहां-कहां लगाए ठगी के पैसे?
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी सामने आया है कि सुकेश ने ठगी से कमाए गए पैसों को सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रखा. उसके विदेशों में बैंक खाते, दुबई समेत कई जगहों पर संपत्तियां और महंगी लग्जरी कारें होने के सबूत मिले हैं. इसके अलावा उसने कई बेनामी कंपनियां बनाईं, जिनके जरिये पैसे को इधर-उधर घुमाकर असली स्रोत छिपाया गया.
अब 217 करोड़ चुकाने की पेशकश से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पैसा ठगी से आया है? या सुकेश के पास छिपी संपत्तियां हैं? ईडी और पुलिस की जांच जारी है. सुकेश की कहानी ठगी की दुनिया की डरावनी मिसाल है, जो जेल की दीवारों को भी पार कर जाती है. जांच एजेंसियां और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हैं. यह मामला अभी और मोड़ ले सकता है.


