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विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला यात्रा पर भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी

नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को भारतीय नागरिकों को दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों और वहां तेजी से बदलती स्थिति को देखते हुए सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है. विदेश मंत्रालय की तरफ से यह एडवाइजरी जारी की गई है. विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. हालांकि, यह एडवाइजरी जारी करने का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है.

एडवाइजरी में कहा गया है, “भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है.” विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में पहले से मौजूद भारतीयों के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं, जिसमें उन्हें सतर्क रहने, अपनी गतिविधियों को सीमित रखने और कराकस में भारतीय दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहने की सलाह दी गई है.

वेनेजुएला में हुए हालिया घटनाक्रमों के बाद बढ़े तनाव के बीच यह सलाह जारी की गई है. इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की थी कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला से निकालकर कैरेबियन में तैनात अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा में ले जाया गया था.

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया, “वे न्यूयॉर्क की ओर जा रहे होंगे,” और कहा कि हेलीकॉप्टर उन्हें देश से बाहर ले गए. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मादुरो सोमवार को मैनहट्टन की संघीय अदालत में पहली बार पेश हो सकते हैं. अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों सहित कई आरोपों में पहले ही अभियोग लगाया जा चुका है.

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाने वाली आलोचनाओं को खारिज कर दिया और वेनेजुएला के अधिकारियों को मादुरो के समर्थन में खड़े रहने वालों को चेतावनी दी. हालांकि, कई वरिष्ठ वेनेजुएला नेताओं ने इस ऑपरेशन की आलोचना की.

मिशन से परिचित लोगों के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि इस ऑपरेशन में अमेरिका की विशिष्ट इकाइयां शामिल थीं, जिन्हें सीआईए का समर्थन प्राप्त था और अमेरिकी सेना के डेल्टा फोर्स कर्मियों द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था.

मादुरो को 2020 से ही अमेरिका में आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें वाशिंगटन ने उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी और लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगाया है. इन आरोपों को वेनेजुएला के नेतृत्व की तरफ से नकारा गया है. ऐसे में विदेश मंत्रालय की यह एडवाइजरी वेनेजुएला में मौजूदा स्थिति और चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारतीयों सहित विदेशी नागरिकों के लिए संभावित खतरों से आगाह करती है.

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