आंतकी संगठन जेएमबी और टीटीपी के राजस्थान में पनप रहे समर्थक, 2 गिरफ्तारियों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की टेंशन

Last Updated:December 05, 2025, 13:13 IST
Rajasthan News : बीकानेर में पकड़ा गया सदीक और जालोर के सांचौर में पकड़ा गया ओसामा उमर इस बात के सबूत हैं कि राजस्थान में आंतकवादी संगठनों के समर्थक पनप रहे हैं. सदीक जहां बांग्लादेश के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के संपर्क में था. वहीं ओसामा उमर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के संपर्क में था.
सदीक उर्फ सादिक खान का जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से और ओसामा उमर का तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से संपर्क सामने आया है.
जयपुर. क्या राजस्थान में आंतकवादी संगठनों से समर्थक पनप रहे हैं? क्या राजस्थान की सरजमीं पर रहने वालों को आंतकी संगठन एप्रोच कर कोई नई साजिश रच रहे हैं? राजस्थान में हाल ही में बीकानेर से अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (AET) का पकड़ा गया सदीक उर्फ सादिक खान और जालोर के सांचौर से धरदबोचा गया मौलवी ओसामा उमर इस बात की तरफ संकेत कर रहे हैं कि यहां भी कुछ ठीक नहीं चल रहा है. ये दोनों दो बड़े आतंकवादी संगठनों से संपर्क थे. इनमें सदीक बांग्लादेश के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के और ओसामा उमर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से संपर्क में था. दोनों ही देश छोड़कर भागने की फिराक में थे.
राजस्थान की शांत जमीन से आतंकवादी संगठनों के संपर्कों के खुलासे ने सुरक्षा एजेसिंयों की नींद उड़ा दी है. अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (AET) बीकानेर के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक उर्फ सादिक खान को ईडी ने पकड़ा है. यह ट्रस्ट सदीक ने ही बनाया था. यह ट्रस्ट मस्जिद-ए-आयशा का संचालन करता है. दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी की तरह देश के कई शिक्षण संस्थान जांच एजेंसी ईडी के रडार आए हैं. उनमें से एक अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट बीकानेर भी है. ईडी ने सदीक को तीन दिन की रिमांड पर लिया है.
नेपाल के रास्ते सीरिया जाने की प्लानिंग कर रहा थाED की जांच, दो FIR और विश्वसनीय इनपुट के आधार पर अब तक सामने आया है कि सदीक जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के सदस्यों से मुलाकात की थी. उसने ट्रस्ट को मिली दान की रकम से विदेशी दौरे किए. अवैध कारोबार किया और कट्टरपंथ फैलाने का काम किया. उसके पास इसका कोई हिसाब-किताब नहीं मिला. वह जेएमबी से प्रेरित होकर नेपाल के रास्ते सीरिया जाने की प्लानिंग कर रहा था. लेकिन इमिग्रेशन ने उसे रोक दिया. उस पर विदेशी कट्टरपंथी संगठनों से संपर्क रखने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप है. पैसों से उसने लगातार विदेशी दौरे किए और कथित तौर पर बैन या कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में रहा. उसके बांग्लादेश, नेपाल, कतर और ओमान की यात्राएं किए जाने की जानकारी सामने आई है.
टीटीपी के टॉप कंमाडर्स के संपर्क में था ओसामाराजस्थान में इससे पहले पिछले दिनों एटीएस ने सांचौर के मौलवी ओसामा उमर को पकड़ा था. वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के संपर्क में था. टीटीपी से प्रभावित होकर उसने जोधपुर के पीपाड़, बाड़मेर और करौली एक अन्य मौलवी समत चार को भी अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की थी. ओसामा ने उनका ब्रेन वॉश कर दिया था. उसने एक तरह से राजस्थान में टीटीपी की स्लीपर सेल तैयार कर दी थी. वह बीते चार साल से टीटीपी के टॉप कंमाडर्स के संपर्क में था. वह भी दुबई के रास्ते अफगानिस्तान भागने की प्लानिंग कर रहा था. एटीएस अगर एक दो दिन की देर कर देती तो वह फरार हो जाता.
चार लोगों को पढ़ा चुका था धार्मिक कट्टरता का पाठउसने बाड़मेर के मसूद पंडीपार, रामसर के बसीर, जोधपुर के पीपाड़ के मोहम्मद अयूब और करौली के मोहम्मद जुनेद को कट्टरता का पाठ दिया था. एटीएस ने उनको भी पकड़कर पूछताछ की है. ओसामा के मोबाइल कट्टरता वाले कई वीडियो मिले हैं. जांच में सामने आया कि ओसामा का पूरा परिवार धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है. उसके पिता भी मदरसे में टीचर है. एटीएस ने जब ओसामा की कुंडली खंगाली तो सामने आया कि उसने देवबंद से धार्मिक शिक्षा में उच्च शिक्षा की डिग्री ली. उसके बाद महाराष्ट्र से अरबी भाषा में एक कोर्स किया. फिर अजमेर धौलपुर करौली जोधपुर में इमाम के रूप में काम किया. उसके बाद वह सांचौर आ गया था.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 05, 2025, 13:09 IST
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आंतकी संगठन जेएमबी और टीटीपी के राजस्थान में पनप रहे समर्थक, समझें पूरी कहानी



