यूपीएससी और आरपीएससी की तैयारी में यही पर चूक जाते हैं छात्र, एक्सपर्ट ने बता दी अंदर की बात! जानें सही रणनीति

देवेंद्र सेन/कोटा. UPSC और RPSC जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा, स्पष्ट रणनीति और निरंतर अभ्यास से मिलती है. हर साल लाखों अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण वही उम्मीदवार सफल होते हैं जो शुरुआत से ही मजबूत आधार बनाकर आगे बढ़ते हैं.
Dr. Manoj Jain के अनुसार तैयारी की शुरुआत 11वीं और 12वीं की NCERT पुस्तकों से करनी चाहिए. इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था और विज्ञान जैसे विषयों की मूल अवधारणाएं NCERT में साफ और सरल रूप में मिलती हैं. यदि बेसिक मजबूत हो, तो एडवांस किताबें समझना आसान हो जाता है. बिना NCERT पढ़े सीधे बड़ी किताबों पर जाना समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी है.
ऑप्शनल विषय का सही चयनऑप्शनल विषय के चयन में विशेष सावधानी जरूरी है. Dr. Jain का कहना है कि ऑप्शनल वही चुनना चाहिए जिसमें अभ्यर्थी की रुचि हो, पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो और सही मार्गदर्शन मिल सके. साथ ही नोट्स हमेशा खुद बनाने चाहिए. स्वयं बनाए गए नोट्स रिवीजन के समय बेहद उपयोगी होते हैं और उत्तर लेखन में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं.
कम किताबें, बार-बार अध्ययनअभ्यर्थियों को सीमित लेकिन स्टैंडर्ड पुस्तकों पर भरोसा करना चाहिए. ज्यादा किताबें पढ़ने के बजाय कुछ चुनिंदा पुस्तकों को बार-बार पढ़ना और उनसे सार निकालकर नोट्स बनाना ज्यादा प्रभावी होता है. पहले से सफल उम्मीदवारों से मार्गदर्शन लेना भी फायदेमंद साबित होता है. किसी अनुभवी मेंटर या विश्वसनीय संस्थान से जुड़ने पर तैयारी अधिक व्यवस्थित हो जाती है.
मेंस-केंद्रित रणनीति जरूरीरणनीति पर बात करते हुए Dr. Jain ने कहा कि अभ्यर्थियों को पहले मेंस परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए. मेंस-केंद्रित अध्ययन से प्रीलिम्स की तैयारी अपने आप मजबूत हो जाती है. नियमित उत्तर लेखन अभ्यास, निबंध लेखन और एथिक्स के प्रश्नों की प्रैक्टिस बेहद जरूरी है. प्रीलिम्स के लिए रोजाना MCQs हल करना, एलिमिनेशन टेक्निक सीखना और पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण सफलता की कुंजी है.
मॉक टेस्ट और इंटरव्यू का महत्वमॉक टेस्ट से समय प्रबंधन और कमजोरियों का आकलन होता है, जबकि मॉक इंटरव्यू अभ्यर्थी के आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल को निखारता है. बदलते परीक्षा ट्रेंड और करंट अफेयर्स पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है.
धैर्य और आत्मविश्वास से मिलेगी सफलताDr. Manoj Jain का कहना है कि UPSC और RPSC की तैयारी एक लंबी यात्रा है. सही रणनीति, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सफलता पाना मुश्किल नहीं है. धैर्य और आत्मविश्वास ही इन परीक्षाओं में अंतिम सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं.



